
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार (20 सितंबर) को अपने गृह नगर जोधपुर पहुंचे और मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। दिल्ली से लौटने के बाद अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए शेखावत ने कहा कि राजनीति में संयम और मर्यादित भाषा का प्रयोग अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में अभद्र भाषा का कोई स्थान नहीं है और बाबा साहब अंबेडकर व महात्मा गांधी ने हमेशा संयम और मर्यादित वाणी का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे शब्दों का प्रयोग लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है।
कांग्रेस पर निशाना
बीजेपी नेता ने सीधे तौर पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता संविधान की शपथ लेकर राजनीति में आते हैं, वे जब असभ्य भाषा का प्रयोग करते हैं, तो यह चिंता का विषय है। शेखावत ने कहा कि लगता है वर्तमान पीढ़ी के नेताओं को कांग्रेस ने ही यह संस्कार दिए हैं। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया कि राजनीतिक मर्यादा और संयम को ठेस पहुँचाने वाली हरकतों से लोकतंत्र कमजोर होता है और जनता ऐसे व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
जिला अध्यक्ष की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सलीम खान की विवादास्पद टिप्पणी पर शेखावत ने कहा कि बीजेपी के संस्कार अभद्र भाषा का विरोध करने की अनुमति देते हैं। उन्होंने कांग्रेस को आत्मावलोकन और आत्मचिंतन की सलाह दी और चेतावनी दी कि यदि पार्टी समय रहते सुधार नहीं करती, तो जनता चुनाव में इसका करारा जवाब देगी। शेखावत ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वस्थ और संयमित बहस को ही महत्व दिया जाता है, न कि असभ्य टिप्पणियों को।
सुपारस भंडारी की तारीफ और दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव
शेखावत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुपारस भंडारी की प्रशंसा की, जिन्होंने गलती स्वीकार कर क्षमा मांगी। इसे लोकतंत्र में सकारात्मक और स्वस्थ संकेत बताया। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत हुई है, जो देश के संकल्पों और युवाओं के सपनों की जीत है। शेखावत ने कहा कि यह लोकतंत्र की सुदृढ़ता और युवाओं के सही विकल्प चुनने की क्षमता को दर्शाता है।
