ऑनलाइन सीखा काम, जेल में हुई दोस्ती, खोल ली MD Drug बनाने की फैक्ट्री, पुलिस का छापा, 6 गिरफ्तार

एसपी नारायण टोगस ने बताया कि गुजरात निवासी मोनू ओझा एमडी ड्रग बनाने में माहिर है उसे गोविंद सिंह शेरगढ़ लेकर आया था, मोनू एमडी ड्रग बनाने की टेक्निकल जानकारी रखता है उसने ये काम ऑनलाइन एप से ड्रग बनाने का काम सीखा था।
MD Drug Factory

राजस्थान के एक गाँव में खेत के बीच नशे के सौदागर अवैध रूप से चोरी छिपे MD drug बनाने की फैक्ट्री चला रहे थे जिसे जोधपुर देहात पुलिस ने गुजरात एटीएस से मिली टिप्स के बाद संयुक्त रूप से छापा मारकर पकड़ लिया , पुलिस को यहाँ भारी मात्रा में ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल, तैयार ड्रग मिला, पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, पुलिस के मुताबिक जब्त कैमिकल्स से करीब 2 करोड़ रुपये तक की ड्रग बनाई जा सकती थी।

जोधपुर देहात एसपी नारायण टोगस ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गुजरात एटीएस की टीम एक मुकदमे में वांछित आरोपी मोनू ओझा की तलाश में जोधपुर के बालोतरा के सिरमखिया गांव पहुंची थी। वहाँ  उसके साथ पुलिस को पाँच और लोग मिले पुलिस ने जब उन लोगों से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि वे एमडी ड्रग बनाने का काम करते हैं, एटीएस ने इसकी जानकारी शेरगढ़ थाना पुलिस को दी।

रात में बनाते थे ड्रग, सुबह निकाल जाते थे तस्कर 

संयुक्त टीम जब आरोपियों द्वारा बताए स्थान पर पहुंची तो वहाँ एक खेत में फैक्ट्री संचालित मिली, पुलिस को यहाँ एक कमरे में अवैध रूप से एमडी ड्रग बनाने का सामान मिला, पुलिस को कैमिकल से भरे 5-6 जार मिले, पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये जगह गोविंद सिंह ने उपलब्ध कराई है, आरोपी देर रात फैक्ट्री पहुंचकर रासायनिक प्रक्रिया पूरी करते और सुबह होने से पहले वहां से निकल जाते थे।

ये 6 ड्रग तस्कर पुलिस गिरफ्त में 

पुलिस ने सभी 6 आरोपियों डूंगरसिंह निवासी सिमरखिया, अलीमुद्दीन निवासी बापू गली प्रतापगढ़, गोविंद सिंह निवासी सोईतरा शेरगढ़, मोनू ओझा निवासी अहमदाबाद, रणविजय सिंह निवासी गोटारसी जिला प्रतापगढ़ और अजीज खान निवासी अखेपुर जिला प्रतापगढ़ को गिरफ्तार कर लिया हैं।

ऑनलाइन सीखा एमडी ड्रग बनाने का काम 

एसपी नारायण टोगस ने बताया कि गुजरात निवासी मोनू ओझा एमडी ड्रग बनाने में माहिर है उसे गोविंद सिंह शेरगढ़ लेकर आया था, मोनू एमडी ड्रग बनाने की टेक्निकल जानकारी रखता है उसने ये काम ऑनलाइन एप से ड्रग बनाने का काम सीखा था। गोविंद सिंह से उसकी मुलाकात जेल में हुई थी उसके खिलाफ एनडीपीएस के कई मुकदमे दर्ज हैं दोनों ने दोस्ती की और फिर एमडी ड्रग बनाने की अवैध फैक्ट्री खोल ली।

 2 करोड़ रुपये की ड्रग हो सकती थी तैयार 

एसपी ने बताया कि प्रतापगढ़ के तस्कर इनसे एमपी ड्रग की सप्लाई लेने आए थे, उन्होंने बताया कि जितना कैमिकल मिला है उससे करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की एमडी ड्रग तैयार हो सकती थी। पुलिस मुख्य आरोपी मोनू ओझा और गोविंद सिंह के नेटवर्क से जुड़े अन्य ड्रग तस्करों की तलाश कर रही है, पुलिस को उम्मीद है ये बाद गिरोह हो सकता है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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