राजस्थान: आज से MSP पर 4 फसलों की खरीदी, 3.12 लाख किसानों ने कराया है रजिस्ट्रेशन, जानें डिटेल्स

ओटीपी के बजाय इस बार MSP पर खरीद किसानों की आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से ही होगी।NAFED और NCCF की ओर से 90 दिनों के भीतर खरीद पूरी की जाएगी।
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राजस्थान के किसानों के लिए काम की खबर है। आज 24 नवंबर से समर्थन मूल्य पर मूंग, मूंगफली, सोयाबीन और उड़द की खरीदी की जाएगी।केन्द्र के निर्देश पर राज्य की भजनलाल सरकार ने मूंग का समर्थन मूल्य 8,768 रुपये, मूंगफली का 7,263 रुपये, उड़द का 7,800 रुपये और सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल एफ.ए.क्यू. श्रेणी का घोषित किया गया है। इस बार प्रदेश में कुल 3 लाख 12 हजार 796 किसानों ने समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पंजीयन करवाया है।भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, नैफेड और एनसीसीएफ के लिए समर्थन मूल्य पर खरीद 90 दिवस की अवधि में की जाएगी।

3 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया है पंजीयन

इस बार मूंग की 340, मूंगफली की 302, सोयाबीन की 79 और उड़द की 151 केंद्रों पर खरीद की जाएगी।इस साल कुल 3 लाख 12 हजार 796 किसानों ने पंजीयन करवाया है। इसमें मूंग बेचने के लिए 97 हजार 392, मूंगफली के लिए 1 लाख 87 हजार 580 सोयाबीन के लिए 26 हजार 143, उड़द के लिए 1 हजार 681 किसानों ने पंजीयन करवाया है।इस साल मूंग की 3 लाख 5 हजार 750 मीट्रिक टन, उड़द की 1 लाख 68 हजार मीट्रिक टन, मूंगफली की 5 लाख 54 हजार 750 मीट्रिक टन और सोयाबीन की 2 लाख 65 हजार मीट्रिक टन की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।कुल खरीद मूल्य लगभग 9,436 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।इस बार समर्थन मूल्य पर खरीद किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी।।

 कुल केन्द्र

  • मूंग: 340 केंद्र
  • मूंगफली: 302 केंद्र
  • सोयाबीन: 79 केंद्र
  • उड़द: 151 केंद्र

कुल रजिस्ट्रेशन

  • मूंग: 97,392 किसान
  • मूंगफली: 1,87,580 किसान
  • सोयाबीन: 26,143 किसान
  • उड़द: 1,681 किसान

कितना है MSP?

  • मूंग: 8,768 रुपये प्रति क्विंटल
  • मूंगफली: 7,263 रुपये प्रति क्विंटल
  • उड़द: 7,800 रुपये प्रति क्विंटल
  • सोयाबीन: 5,328 रुपये प्रति क्विंटल
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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