PM Modi का विपक्ष पर हमला, बोले- जो लोग भारत को असफल होते देखना चाह रहे हैं, भविष्यवाणी कर रहे थे, आज वो निराश होंगे

पिएम्मोदी ने कहा मैं 140 करोड़ देशवासियों का आभार प्रकट करता हूं, जिस तरह, वो इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे, देश में अस्थिरता फैलाने की साज़िशों को नाकाम किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है।
PM Modi Balotra Rajasthan visit

PM Modi Balotra Rajasthan visit

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के बालोतरा में 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, उदघाटन और लोकार्पण किया। पीएम ने जयपुर मेट्रो के फेस 2 का शिलान्यास, पावर ग्रिड बाड़मेर ट्रांसमिशन लिमिटेड का शिलान्यास , 300 मेगा वाट के करणीसर सोलर पावर प्लांट बीकानेर का उदघाटन, पावर ग्रिड ब्यावर दौसा ट्रांसमिशन लिमिटेड का उदघाटन, 4 लेन जोधपुर रिंग रोड सेक्शन 2 का लोकार्पण,  जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन, 1000 मेगवाट बीकानेर सौर विद्युत् परियोजना का उदघाटन, एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी का उदघाटन , चुरू-सादलपुर रेल मार्ग के दोहरीकरण का लोकार्पण, चुरू रतनगढ़ रेल मार्ग के दोहरीकरण का लोकार्पण किया और राष्ट्र को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित किया, उन्होंने कहा आज इस रिफाइनरी को देश को समर्पित किया गया है। ये रिफाइनरी यहां हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बनेगी। मैं राजस्थान के युवाओं को इस रिफाइनरी की विशेष तौर पर बधाई देता हूं। आज का दिन साक्षी है कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती। बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन-रात एक कर देते हैं। दो महीने पहले यहां जो हादसा हुआ, उसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना भी परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण है।

 नया भारत अपने संकल्पों से पीछे नहीं हटता, रफ़्तार कम नहीं करता 

आप सबने दिखा दिया है कि चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी और अप्रत्याशित क्यों न हो, नया भारत अपने संकल्पों से न तो पीछे हटता है और न ही अपनी रफ्तार कम करता है। आज ही, जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया गया है। ये मारवाड़ में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई गति देगा। इस कार्यक्रम में जो लोग जोधपुर से जुड़े हैं, मैं उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। जोधपुर से ही आज उड़ान योजना के नए चरण की भी शुरुआत हुई है, इसके तहत छोटे-छोटे शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।

साथ ही अब जयपुर में मेट्रो का विस्तार भी होने जा रहा है। शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट को दूर करने का इंतजार भी अब खत्म होने जा रहा है। मैं इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए राजस्थान के मेरे भाई-बहनों को बहुत बहुत बधाई देता हूं। आज राजस्थान के करीब 54 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र भी मिला है। मैं नियुक्ति पाने वाले सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। उनका युवा मन राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य को और मजबूती देगा।

ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छाशक्ति और प्रयास भारी पड़े

प्रधानमंत्री ने कहा आज राजस्थान की इस धरती से मैं देश के एक और सामर्थ्य की चर्चा करूंगा। आप भी देख रहे हैं कि पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है, हर देश त्रस्त है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया। बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं। लेकिन, 21वीं सदी के इस सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छाशक्ति और प्रयास भारी पड़े हैं।

भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए, संकट का समय रहते सटीक आंकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई, भारत के संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया। भारत की डिप्लोमेटिक पावर का सकारात्मक इस्तेमाल किया। और तब जाकर भारत सकंट से उबर पाया है। जब सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थी, तब किस स्तर पर दिनरात काम हो रहा था, किस तरह स्थिति को संभाला जा रहा था। वो मेहनत, वो प्रयास, वो धैर्य, नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर उठाया गया एक-एक संवेदनशील कदम कभी न कभी इतिहास लिखेगा। ये सब अभूतपूर्व है।

बहुत अफवाएं फैलाई गई, लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वो सफल नहीं हो पाए

उन्होंने कहा बहुत अफवाएं फैलाई गई, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल खेले गए। लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वो सफल नहीं हो पाए। दूर-सुदूर इलाकों में भी छोटी मोटी अड़चनों के अलावा ईंधन सप्लाई में कोई बड़ी चुनौती नहीं आई। अप्रैल से जून के बीच ही अकेले डीजल-पेट्रोल में 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा कंपनियों को सहना पड़ा। और इस घाटे को पूरा करने की जिम्मेदारी सरकारी खजाने से उठाई गई। हमने प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी भी कम की और बहुत ज्यादा बोझ जनता पर नहीं पड़ने दिया।

पीएम मोदी ने कहा युद्ध के इसी समय में भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई। जब ये संकट शुरू हुआ था, उससे पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था। लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिख गया। दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध इस संकट की घड़ी में बहुत काम आए। युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि हमारे लिए राष्ट्रहित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है। नागरिक देवो भवः हमारा मंत्र है।

अस्थिरता फैलाने की साज़िशों को नाकाम किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया

आज, मैं 140 करोड़ देशवासियों का आभार प्रकट करता हूं, उन्हें धन्यवाद कहता हूं, जिस तरह, वो इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे, जिस तरह, देशवासियों ने अफवाह, डर और भ्रम फैलाने वालों का सामना किया, देश में अस्थिरता फैलाने की साज़िशों को नाकाम किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है। जो लोग भारत को असफल होते देखना चाह रहे हैं, इसके लिए भविष्यवाणी भी करने लग गए थे। वो आज निराशा की गर्त में पड़े होंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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