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राजस्थान बजट 2026-27 की तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न वर्गों से किया संवाद, मांगे सुझाव

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर भजनलाल सरकार की तैयारियां जोरों पर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार, 11 जनवरी 2026 को विधानसभा में पेश होने वाले बजट से पहले प्रदेश के कई वर्गों के साथ संवाद किया।
राजस्थान बजट 2026-27 की तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न वर्गों से किया संवाद, मांगे सुझाव

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर भजनलाल सरकार की तैयारियां जोरों पर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार, 11 जनवरी 2026 को विधानसभा में पेश होने वाले बजट से पहले प्रदेश के कई वर्गों के साथ संवाद किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर कोने से सुझावों को एकत्रित करना था।

बैठक में मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार इन संवादों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सुझाव ले रही है, ताकि आगामी बजट के माध्यम से विकसित राजस्थान की यात्रा में प्रत्येक वर्ग एवं क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा, सामाजिक संगठन जन आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति के सशक्त माध्यम हैं तथा इनके अनुभव एवं सुझाव जनकल्याण को दिशा देने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित एवं उत्कृष्ट राजस्थान के निर्माण में एनजीओ, सिविल सोसायटी एवं उपभोक्ता मंच की भागीदारी भी जरूरी है। ये संस्थाएं जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में प्रभावी कड़ी बन सकती हैं।

विद्यार्थियों की आंखों की जांच के लिए लगाए जा रहे शिविर

सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले दो वर्षों में सेवा और सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं। हमने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का निस्तारण करते हुए उन्हें राहत पहुंचाई है। इसी तरह राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की आंखों की जांच एवं चश्में उपलब्ध करवाने के लिए नेत्र शिविर भी आयोजित करवाए जा रहे हैं।

बैठक में इन संस्थाओं ने दिए सुझाव

संवाद कार्यक्रम में जिला दिव्यांग सेवा संस्थान (जालोर), अर्पण सेवा संस्थान, घुमंतू कल्याण संस्थान, प्रयास संस्थान, कट्स संस्थान, एसडब्ल्यूआरसी तिलोनिया, सेन्ट्रल फॉर डवलपमेंट कम्यूनिकेशन जयपुर, अपना घर आश्रम, टाबर संस्थान, सक्षम संस्थान, सिविल राईट सोसायटी, श्रीमती शांति देवी जनकल्याण ट्रस्ट, अलख फाउंडेशन, चौथमल पुजारी चैरिटेबल ट्रस्ट, कन्ज्यूमर एक्शन एण्ड नेटवर्क, जनाधिकार समिति, सेन्टर फॉर दलित राईट्स सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए।