राजस्थान की डिप्टी मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर में आयोजित राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट में कहा कि राज्य में पर्यटन केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि आजीविका, संस्कृति और गर्व का आधार है। साल 2023 में राज्य में 18 करोड़ घरेलू और 18 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए। 2024 में पर्यटन में लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र अब राज्य की जीडीपी में लगभग 12 प्रतिशत योगदान दे रहा है और लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रहा है।
डेस्टिनेशन वेडिंग्स और कॉन्सर्ट टूरिज्म को बढ़ावा
दिया कुमारी ने बताया कि राजस्थान को सालभर में वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए नई पर्यटन सर्किट विकसित की जा रही हैं। इनमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर में जनजातीय पर्यटन, जैसलमेर के तनोट और बीकानेर के सांचू में सीमा और रेगिस्तान पर्यटन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य बड़े आयोजनों के लिए भी तैयार है। JECC में आयोजित IIFA अवार्ड्स इसका उदाहरण है। डेस्टिनेशन वेडिंग्स, कॉन्सर्ट टूरिज्म और MICE को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू की जा रही हैं।
बुनियादी ढांचे और ग्रीन बजट पर जोर
दिया कुमारी ने बताया कि पर्यटन के विकास के साथ हवाई अड्डे, सड़कें और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी आधारभूत सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी-फर्स्ट मॉडल को केंद्र में रखा। इस बार राजस्थान सरकार ने पहली बार ग्रीन बजट पेश किया, जिससे विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि वे केवल व्यवसाय तक सीमित न रहें बल्कि नई यात्राओं और अनुभवों को डिजाइन करें।
उद्योग और अधिकारियों की भागीदारी
पर्यटन कार्यक्रम में पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार (IAS), FHTR के अध्यक्ष कुलदीप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र शाहपुरा, उपाध्यक्ष खालिद खान और राजेंद्र सिंह पंवार, महासचिव वीरेंद्र शेखावत सहित बड़ी संख्या में टूर ऑपरेटर और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र में निवेश और नए अवसरों को विकसित करने पर जोर दिया। इससे राज्य में पर्यटन को एक नया और स्थायी विकास मॉडल मिलेगा।





