
राजस्थान में चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर अब नई पहल शुरू हो गई है। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजेश्वर सिंह को राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने 19 सितंबर को पदभार संभाला और मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराना है। उनका कहना है कि चुनाव चाहे किसी भी स्तर के हों, सभी पक्ष संतुष्ट हों और आयोग पर किसी प्रकार का आरोप न लगे।
पदभार संभालते ही कहा प्रमुख चुनौती
राजेश्वर सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग का सबसे बड़ा लक्ष्य चुनावों में निष्पक्षता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि चुनाव चाहे कोई भी हों, उनका आयोजन बिना आरोप-प्रत्यारोप और तटस्थता के साथ होना चाहिए। सिंह ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों के संचालन में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेगा। उनका मानना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की आधारशिला हैं और इस दिशा में आयोग कोई समझौता नहीं करेगा।
निकाय और पंचायत चुनाव पर फोकस
राजेश्वर सिंह ने आगामी निकाय और पंचायत चुनावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के आधार पर ही चुनाव करवाए जाएंगे। विपक्ष और अन्य पक्षों के आरोपों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग किसी पक्ष के समर्थन में नहीं है। उनका कहना है कि सभी चुनाव निष्पक्षता और तटस्थता के साथ होंगे। इसके लिए निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारी पूरी करेगा और सुनिश्चित करेगा कि किसी भी प्रक्रिया में पक्षपात न हो।
वन स्टेट-वन इलेक्शन की तैयारी
राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि वन स्टेट-वन इलेक्शन के लिए आवश्यक संसाधन और कर्मचारियों की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि चाहे सरकार कोई भी हो, आयोग को हमेशा मदद मिली है। सिंह ने भरोसा दिलाया कि आयोग अपनी तरफ से पूरी तैयारी और प्लानिंग करेगा। उनका उद्देश्य यह है कि चुनाव की प्रक्रिया समय पर और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो, ताकि राज्य के सभी नागरिकों को निष्पक्ष मतदान का अधिकार सुरक्षित मिले।
लंबा प्रशासनिक अनुभव
राजेश्वर सिंह ने प्रशासन में लंबे समय तक कई विभागों का नेतृत्व किया है। उन्होंने पंचायती राज, शिक्षा, रोडवेज सहित कई बड़े विभागों में काम किया है। इस अनुभव के आधार पर उन्हें अब राज्य निर्वाचन आयोग की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उनका कहना है कि प्रशासनिक अनुभव चुनावों के संचालन में उन्हें मदद करेगा और प्रदेश में सभी चुनावों को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने में सहायक होगा।
