कृषि मंत्री का बयान, कृषि कानून किसी भी हालत में नहीं होगा वापस, लव जिहाद पर कही बड़ी बात

कृषि मंत्री का बयान, कृषि कानून किसी भी हालत में नहीं होगा वापस, लव जिहाद पर कही बड़ी बात

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट| मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) के राजगढ़ (Rajgarh) में एक दिवसीय दौरे पर आए प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने कृषि कानून और लव जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। कृषि मंत्री ने कृषि कानून पर कहा कि किसी भी हालत में हम कृषि कानून वापस नहीं लेंगे, इसलिए नहीं लेंगे क्योंकि यह लोकतंत्र है बहुमत से चलता है सौ परसेंट कभी किसी के पक्ष में हो सकता है क्या| कांग्रेस के विचारधारा के लोग भी है, कम्युनिस्ट भी हैं, आप पार्टी के लोग भी हैं ,यह कभी नही चाहेंगे कि मोदी जी अच्छा काम करें, या मोदी जी प्रधानमंत्री रहे । उन्होंने 55 साल कुछ किया ही नहीं, मोदी जी ने किया यह लागू हो गया 6 महीने भी हो गए ।

कृषि मंत्री ने आगे कहा मंडिया भी है, एमएसपी पर खरीदी हो रही है ,और हम एमआरपी वाला बना रहे हैं । किसान तो फसल पैदा करता है और माल कमाता है| उद्योगपति और व्यापारी, क्यों किसान को देंगे हम इसलिए एमआरपी दिलाने वाला कानून है ,यह किसान की तस्वीर और तकदीर बदलेगा अब एक भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा, चाहे कोई कितना ही विरोध करें हम इसको लागू रखेंगे क्योंकि यह गांव के किसान के मजदूर के और देश के हित में हैं|

कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक दूसरे के पर्याय
कमल पटेल ने कहा कांग्रेस के नेताओं के बच्चे भी कहेंगे कि तुम्हारे पापों के कारण हमारे बुजुर्गों ने आत्महत्या की हम घाटे की खेती करते रहे और इसलिए यह सब विरोध करवा रहे हैं । किसान भोले भाले थे जब तक तुम ने खूब लूटा, अब तो किसान के बेटे भी पढ़े लिखे हो गए है । किसान को अब हम जागरूक कर रहे हैं, तुम्हारी पोल खोल रहे हैं, जब जाकर तुम्हारा सफाया हो गया । अब दिग्विजय सिंह का क्या हाल हुआ जमानत भी जप्त हो गई है । क्योकि कांग्रेस मुक्त भारत होगा । कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है, कांग्रेसी कहलो या भ्रस्टाचारी कहलो एक दूसरे के पर्याय है ।

कानून सभी के लिए
लव जिहाद पर कृषि मंत्री ने कहा लव जिहाद बहुत गलत है, षड्यंत्र पूर्वक हमारी बहनों को बेटियों को बर्बाद करने का योजनावद्ध तरीका होता है, शादी करते हैं उसके बाद बच्चे पैदा करते हैं ,उसके बाद छोड़ देते हैं । उसके बाद प्रताड़ित करते हैं । इसलिए भोली- भाली लड़कियां प्यार के चक्कर में आ जाती है गुमराह हो जाती है, बाद में फिर जिंदगी भर रोती हैं, ऐसे बहुत से किस्से हुए हैं ,इसको देखते हुए हमने मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार इस कानून को लेकर आई है | कमल पटेल ने कहा यह सिर्फ मुसलमान के लिए नहीं है, हिंदू हो या इसाई हो जो भी लव जिहाद करेगा, प्यार में फंसा कर धर्म परिवर्तन करा कर उसके बाद उसे छोड़ेगा, हिंदू हो या इसाई हो या मुसलमान हो कोई भी हो उस पर कार्रवाई होगी ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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