टीआई ने नहीं लिखी FIR, फरियादी से कहा- मैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी नहीं डरता, वीडियो वायरल

ग्रामीण बहस करने लगे और कहने लगे कि क्या किसी का दबाव आ गया है, तो टीआई ने नाराज होते हुए कहा ज्यादा मत बोलो,  मैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी नहीं डरता, ये कहते हुए टी आई ने सभी को थाने से बाहर कर दिया।
Rajgarh News

Rajgarh News : मप्र पुलिस के एक थाना प्रभारी (टी आई) के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते सुने दे रहे हैं कि वे ना प्रधानमंत्री से डरते हैं और ना राष्ट्रपति से…वीडियो में वे एफआईआर लिखवाने आये लोगों को थाने से बाहर करते हुए दिखाई दे रहे हैं..मामला राजगढ़ जिले के छापीहैड़ा थाने का है।

राजगढ़ जिले के छापीहैड़ा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, ये वीडियो 5 जुलाई का बताया जा रहा है, इस दिन खजुरी गोकुल गाँव के कुछ ग्रामीण वहां अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे और वो एफ आई आर लिखवाना चाहते थे लेकिन टी आई ने FIR नहीं लिखी और उन्हें थाने से भगा दिया।

इस मामले की शिकायत करने थाने पहुंचे थे ग्रामीण 

दरअसल, खजुरी गोकुल निवासी विकास पिता कालूराम सुतार ने एक विवाहिता से बिना सामाजिक तलाक के ही शादी कर ली। सामाजिक नियमों के अनुसार यहां राजगढ़ में झगड़ा प्रथा प्रचलित है जिसमें महिला के पूर्व पति के परिजन वर्तमान पति के परिजन से हर्जाने की राशि वसूलते हैं, और नहीं देने पर नुकसान कर जाते हैं। ऐसे ही इस मामले में वर्तमान पति सहित 10 अन्य ग्रामीणों के खेतों पर पाईप मोटर सहित कई कृषि उपकरणों का नुकसान कर दिया गया।

बिना एफआईआर लिखे टी आई ने लौटाया, कहा- मैं किसी से नहीं डरता   

खेतों में हुए नुकसान की शिकायत लेकर ग्रामीण 5 जुलाई को पुलिस थाने पहुंचे उन्होंने टी आई राजेंद्र सिंह को एक शिकायती पत्र दिया और नुकसान करने वालों पर एफआईआर करने की मांग कर रहे थे , टीआई ने एफआईआर नहीं लिखी, ग्रामीण बहस करने लगे और कहने लगे कि क्या किसी का दबाव आ गया है, तो टीआई ने नाराज होते हुए कहा ज्यादा मत बोलो,  मैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी नहीं डरता, ये कहते हुए टी आई ने सभी को थाने से बाहर कर दिया।

वायरल वीडियो पर दी ये सफाई 

अब टी आई का ये वीडियो सोशल मीडिया पर पर वायरल हो रहा है, हालाँकि इस मामले में थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि नातरा झगड़े के मामले में एक एफआईआर पहले हो चुकी है उसी मामले में  कुछ और  ग्रामीण भी एफआईआर दर्ज करवाने आए थे हमने उनसे कहा कि उसी में तुम्हारे नाम जोड़ देंगे जिस पर ग्रामीण मान नहीं रहे थे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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