मध्य प्रदेश में बुधवार को पेट्रोल-डीजल की कमी की एक अफवाह ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए। सोशल मीडिया पर फैली इस खबर के बाद लोग घबराकर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े, जिससे रतलाम, रीवा, भोपाल, खरगोन और शाजापुर समेत कई शहरों में पंपों पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ जगहों पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, तो कहीं पंप संचालकों ने ईंधन की राशनिंग शुरू कर दी।
हालांकि, जिला प्रशासन और तेल कंपनियों ने इसे कोरी अफवाह बताते हुए कहा है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और सप्लाई चेन भी पूरी तरह सामान्य है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें।
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अफरातफरी का आलम: कहीं पुलिस तैनात, कहीं पंप सील
अफवाह का असर सबसे ज्यादा रीवा और रतलाम में देखने को मिला। रीवा में पेट्रोल पंपों पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। वहीं, रतलाम में स्थिति यह थी कि पांच दिन का स्टॉक महज एक दिन में खत्म हो गया। यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों को 200 रुपए और चार पहिया वाहनों को 1000 रुपए का ही ईंधन दिया जा रहा था।
राजधानी भोपाल में भी इसका असर दिखा। एयरपोर्ट रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर एक बाइक चालक को सिर्फ 200 रुपए का पेट्रोल देने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। शिकायत का वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने पंप पर पहुंचकर उसे सील कर दिया।
“उपभोक्ता जितनी मात्रा में पेट्रोल/डीजल मांगते हैं, उन्हें उतनी मात्रा में निर्धारित मूल्य पर ईंधन दिया जाए। कोई भी संचालक मूल्य का निर्धारण नहीं कर सकता। ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।” — चंद्रभान सिंह जादौन, खाद्य नियंत्रक, भोपाल
प्रशासन का आश्वासन: भोपाल में ही तीन महीने का स्टॉक
प्रशासन ने अफवाहों को सिरे से खारिज किया है। खाद्य नियंत्रक जादौन ने बताया कि भोपाल में ही 58.79 लाख किलोलीटर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक है, जो अगले ढाई से तीन महीने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को वाहन के टैंक के अलावा बोतल या कैन में ईंधन नहीं दिया जाएगा।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हालात चिंताजनक रहे। खरगोन के महेश्वर-बड़वाह रोड पर एक पंप पर करीब 400 वाहनों की कतार लग गई, जिससे ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। शाजापुर में कुछ पंप एडवांस भुगतान न होने के कारण पहले से ही सूखे थे, जिससे बाकी पंपों पर दबाव बढ़ गया। वहीं, आगर मालवा के कानड़ में पहले पेट्रोल भरवाने को लेकर लोगों में विवाद हो गया, जो मारपीट तक पहुंच गया।
कई पंप हुए खाली, गैस एजेंसियों पर भी भीड़
कुक्षी के बाग क्षेत्र में चार में से तीन पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म होने की खबर है। यहां एक नायरा पंप पर प्रति बाइक सिर्फ 100 रुपए का पेट्रोल दिया जा रहा था। उधर, बालाघाट में अफवाह का असर पेट्रोल पंपों के साथ-साथ गैस एजेंसियों पर भी देखने को मिला, जहां सिलेंडर के लिए सुबह से ही भारी भीड़ जमा हो गई। एजेंसी संचालकों के अनुसार, स्टॉक की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोग घबराहट में खरीदारी कर रहे हैं।