रतलाम नगर निगम द्वारा चौपाटी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी चलाई गई। इस दौरान एक तरफ की सड़क को उखाड़ दिया गया। निगम की इस कार्रवाई का जमकर विरोध देखने को मिल रहा है। मंगलवार शाम महाराज सज्जन सिंह प्रतिमा के पास दुकानदार और कांग्रेस के नेता कार्यकर्ता विरोध करते दिखाई दिए।
बता दें कि चौपाटी क्षेत्र में नगर निगम के टीम दुकानों को हटाने पहुंची थी और जेसीबी से ठेले लगने वाली सीमेंट कंक्रीट की सड़क को उखाड़ रही थी। इस कार्रवाई को देखकर ठेला संचालक और कांग्रेस के नेता आक्रोशित हो गए और विरोध करने लगे। देखते ही देखते विरोध इतना बढ़ गया कि लोग जेसीबी के सामने खड़े हो गए और जमकर नारेबाजी करने लगे।
नगर निगम ने उखाड़ी सड़क
चौपाटी क्षेत्र से अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम ने एक हिस्से में जेसीबी के जरिए सीमेंट कंक्रीट की सड़क को तोड़ दिया है। आधा हिस्सा तोड़ने के बाद जब टीम दूसरे हिस्से में पहुंची तो वहां मौजूद ठेला संचालकों ने विरोध जताना शुरु कर दिया। उनका कहना है कि जहां वर्षों से ठेले लगाए जा रहे हैं, उसी जगह को उखाड़ा गया है।
मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता
नगर निगम के कार्रवाई की भनक लगते ही कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट, पूर्व अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, ब्लॉक अध्यक्ष बसंत पंड्या, यास्मीन शैरानी मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम के अधिकारी से लिखित आदेश मांगा और यह पूछा कि ठेला संचालकों को हटाने के निर्देश किस आधार पर दिए गए हैं। इस पर अधिकारी ने महापौर के निर्देश की जानकारी दी, जिससे विवाद और भी बढ़ गया।
रात तक चल धरना
निगम की कार्रवाई के विरोध में ठेला संचालक और कांग्रेस नेता चौपाटी पर धरने पर बैठ गए। यह विरोध प्रदर्शन रात 9 बजे तक चलता रहा। धरने पर बैठे हुए लोगों का कहना था कि 30 सालों से यह चौपाटी शहर के लोगों के लिए खाने पीने और लोगों के रोजगार का प्रमुख केंद्र है। गरीब दुकानदारों को यहां से हटाकर उनके रोजगार पर संकट खड़ा किया जा रहा है।
विवाद के बाद मौके पर स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह पवार पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें सुबह 11 बजे नगर निगम कार्यालय में चर्चा के लिए बुलाया। ठेला संचालकों और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यहां से जेसीबी हटाई जाए। मौके से जेसीबी हटाए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह बुधवार यानी आज निगम प्रशासन के खिलाफ नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराएंगे।






