रतलाम जिले के सैलाना इलाके में गुरुवार शाम एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। सरवन मार्ग पर स्थित केदारेश्वर घाट के पास झाड़ियों में शॉल में लिपटा हुआ एक नवजात बच्चा मिला। मासूम के रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए पुलिस को खबर दी और खुद बच्चे को संभाला। बताया जा रहा है कि नवजात केवल 5 से 7 दिन का है।
बाथरूम के लिए रुके लोगों को सुनाई दी रोने की आवाज
घटना उस वक्त की है जब जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंदू मईडा अपने साथियों के साथ रतलाम से काम निपटाकर घर लौट रहे थे। केदारेश्वर घाट के पास वे कुछ देर के लिए रुके, तभी पास की झाड़ियों से किसी बच्चे की सिसकियों की आवाज आई। जब उन्होंने झाड़ियों में जाकर देखा तो वहां एक छोटा सा बच्चा शॉल में लिपटा हुआ ठंड से कसमसा रहा था। ऐसा लग रहा था मानो कोई मजबूरी या बदनामी के डर से उसे वहां फेंक गया हो।
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ग्रामीणों ने पहले पिलाया दूध, फिर पुलिस को दी खबर
बच्चे को इस हालत में देखकर ग्रामीणों का दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत आपस में मिलकर बच्चे के लिए दूध का इंतजाम किया और उसे बड़े प्यार से दूध पिलाया, जिससे उसकी जान में जान आई। चंदू मईडा ने बताया कि बच्चे को देखकर साफ लग रहा था कि उसे कोई जानबूझकर अकेला छोड़ गया है। दूध पिलाने के बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी।
पुलिस ने बच्चे को मेडिकल कॉलेज भेजा, जांच शुरू
सूचना मिलते ही एसडीओपी आईपीएस लेखराज मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने आसपास के इलाके का मुआयना किया और ग्रामीणों से पूछताछ की। इसके बाद मासूम की सेहत का ख्याल रखते हुए उसे तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी जांच चल रही है। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है और अस्पताल का स्टाफ उसकी पूरी देखभाल कर रहा है।
फेंकने वाले की तलाश में जुटी पुलिस
शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि बच्चे को जन्म देने वाली मां या परिजनों ने ही उसे यहां छोड़ा होगा। हालांकि, बच्चा किसका है और किन परिस्थितियों में उसे यहां फेंका गया, इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस आसपास के गांवों और अस्पतालों में हाल ही में हुए प्रसवों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द से जल्द ढूंढ निकाला जाएगा।