अजा एकादशी आज, इन 4 उपायों से होगा लाभ, मेहरबान होंगी माता लक्ष्मी, मिलेगा भाग्य का साथ, बरसेगा पैसा

अजा एकादशी आज, इन 4 उपायों से होगा लाभ, मेहरबान होंगी माता लक्ष्मी, मिलेगा भाग्य का साथ, बरसेगा पैसा

Aja Ekadashi 2023: 10 सितंबर यानि आज अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन लोग भक्ति और श्रद्धा भाव के साथ सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार रविवार और एकादशी के शुभ संयोग के साथ-साथ कई दुर्लभ योग भी रहे हैं। रवि पुष्य योग, बुधादित्य योग और सवार्थ सिद्धि योग में पूजा होगी। इस दिन कुछ उपायों का करना बेहद ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

घर लाएं ये चीजें

आज एकादशी के दिन सोने-चांदी की वस्तु, दक्षिणवर्ती शंख और श्रीयंत्र घर में खरीदकर जरूर लाएं। ऐसा करने से धन-अन्न का भंडार सदैव भरा रहता है।

इस चीज से करें भगवान विष्णु का तिलक

इस दिन भगवान विष्णु और माता की पूजा के दौरान केसर जरूर अर्पित करें। आप गुलाब जल, केसर और चंदन को मिलाकर भगवान का तिलक कर सकते हैं। इसके बाद खुद से माथे पर भी तिलक लगाएं। ऐसा करने से आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है। धन लाभ के योग बनते हैं।

पान पत्ते का उपाय

एकादशी के दिन पान पत्ते का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन डंठल वाले पान के पत्ते पर कुमकुम या रोली से “श्री” लिखकर नारायण को अर्पित करें। इसके बाद नारियल का भोग लगाएं। ऐसा करने से भाग्य का साथ मिलता है। बिगड़े काम बनते हैं। नौकरी में तरक्की और कारोबार में लाभ होता है।

तुलसी पौधे से जुड़ा उपाय

आज शाम को तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। फिर “ॐ वासुदेवाय नमः” का जाप करते हैं तुलसी की 11 बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलती है। आय में वृद्धि होती है। घर में सुख-शांति बनी रहती है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है, जो मान्यताओं पर आधारित हैं। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews