Grah Gochar : आने वाले 20 दिन इन 5 राशियों के लिए मुश्किल, बन रहा ग्रहों का अशुभ संयोग, बिगड़ सकते हैं काम, रहें सावधान

Surya Rahu Yuti 2024

Grah Gochar 2023: ग्रहों के राजकुमार बुध 6 नवंबर को शत्रु राशि वृश्चिक में प्रवेश कर चुके हैं। इसपर शनि और राहु की दृष्टि भी पड़ रही है। जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। किसी के लिए बुध गोचर शुभ होगा किसी के जीवन में नकारात्मकता लाएगा। 27 नवंबर तक बुधदेव इसी राशि में में विराजमान रहेंगे। इसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे। आने वाले 20 दिन पाँच राशियों के लिए कठिन होंगे। आइए जानें किन जातकों को सतर्क रहने की जरूरत है-

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर अनुकूल साबित नहीं होगा वैवाहिक जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। धन हानि की संभावनाएं हैं। सोच समझकर ही कोई फैसला लें। निवेश से नुकसान हो सकता है। कुछ दिनों तक यात्रा पर न जाएं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए भी बुध का राशि परिवर्तन शुभ नहीं रहेगा वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल हो सकती है। घर-परिवार में विवाद हो सकता है। मानसिक तनाव हो सकता है। इस दौरान यात्रा शुभ नहीं रहेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आने वाले दिन अनुकूल नहीं रहेंगे। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। कारोबार में हानि होने की संभावनाएं हैं। घर परिवार में क्लेश होग। निवेश करने से पहले विचार विमर्श जरूर करें।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए भी बुध का गोचर अशुभ साबित होगा सेहत को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। धन हानि होने के योग बन रहे हैं। आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। इस दौरान यात्रा की प्लानिंग ना करें।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को आने वाले 27 दिनों तक सावधान रहने की जरूरत है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। खान-पान को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। निवेश करने से बचें। शराब का सेवन हानिकारक साबित हो सकता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews