20 अक्टूबर को देशभर में दीपावली का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाने वाला है। 19 अक्टूबर को धनतेरस के दिन से दीपोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। आज रूप चौदस है और देशभर में दीपावली का उल्लास छाया हुआ है। दिवाली को लेकर यह मान्यता है कि अगर शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी की पूजन (Laxmi pujan 2025) की जाए तो सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
माता लक्ष्मी के पूजन की तैयारी मंदिर से लेकर घरों और प्रतिष्ठानों तक जोर-शोर से जाती है। जब भी माता लक्ष्मी की पूजन की बात आती है तब कमल के फूल का विशेष महत्व माना जाता है। दरअसल यह कमल माता को बहुत प्रिय है इसलिए उनकी पूजा में इसे जरूर शामिल किया जाता है। यह भी कहते हैं की माता का वास इस फूल में होता है और यह उनका आसान भी कहा जाता है। चलिए आज हम आपको इस कमल के फूल से जुड़ी कहानियां, इसके महत्व और लाभ के बारे में बता देते हैं।
मां लक्ष्मी को पसंद है कमल (Laxmi pujan 2025)
धर्म शास्त्रों के मुताबिक जब समुद्र मंथन किया गया था तब माता लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजित होकर प्रकट हुई थी। उनके इस रूप की वजह से उन्हें कमला और कमलासन भी कहा जाता है। वह इस फूल पर विराजित होती हैं इसी वजह से उन्हें यह पुष्प अर्पित करने की मान्यता मानी गई है।
क्या है कथा
कमल के फूल से एक पौराणिक कथा भी जुड़ी हुई है। यह कथा माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु से जुड़ी हुई है। ऐसा कहा जाता है कि कमल के फूल की उत्पत्ति भगवान विष्णु की नाभि से हुई है। ऐसा कहा जाता है कि उनकी नाभि से निकले एक कमल में ब्रह्मा जी प्रकट हुए थे। यह भी बताया जाता है की माता लक्ष्मी को कमल का फूल इसलिए पसंद है क्योंकि यह भगवान नारायण के सिर से उत्पन्न हुआ है।
होंगे क्या फायदे
सुख समृद्धि और ऐश्वर्य
दीपावली पर जब माता लक्ष्मी की पूजन करते हैं तब उन्हें कमल का फूल जरूर चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को सुख समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। ये व्यक्ति के ऐश्वर्य को बढ़ाता है।
सकारात्मक ऊर्जा का संचार
कमल का फूल घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का काम करता है। इसकी मदद से वातावरण शुद्ध होता है। अगर आप यह चाहते हैं की सारी नकारात्मकता दूर हो जाए और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहे तो इस दिवाली की पूजा में जरूर शामिल करें। माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने से संकट टल जाते हैं और समस्याओं का समाधान मिलने लगता है।
बढ़ेगा मान सम्मान
कमल के फूल को पवित्रता का प्रतीक कहा जाता है। अगर इसे दिवाली की पूजा में शामिल किया जाता है तो व्यक्ति के मान सम्मान में वृद्धि होती। यह एकाग्रता बढ़ता है और आध्यात्मिक विकास में भी वृद्धि करता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।






