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महाशिवरात्रि व्रत आज: जानिए स्नान समय, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

Written by:Bhawna Choubey
Published:
महाशिवरात्रि 2026 पर आज देशभर में शिवभक्त व्रत रखकर पूजा करेंगे। सही स्नान समय, निशीथ काल पूजा मुहूर्त, घर पर सरल पूजा विधि और व्रत पारण का सही समय जानकर आप भी महादेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि व्रत आज: जानिए स्नान समय, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है और देशभर के शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाया जाने वाला यह पर्व शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए यह दिन जीवन में नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है।

सुबह होते ही लोग मंदिरों की ओर निकल पड़ते हैं। कहीं शिवलिंग पर जल चढ़ाया जा रहा है, कहीं दूध से अभिषेक हो रहा है, तो कहीं भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दे रही है। कई लोग घर पर ही पूजा की तैयारी करते हैं ताकि पूरे परिवार के साथ इस शुभ दिन का पुण्य प्राप्त किया जा सके। इस बार भी महाशिवरात्रि को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखा जा रहा है।

महाशिवरात्रि स्नान का सही समय और व्रत का संकल्प

महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना सबसे शुभ माना गया है। सुबह लगभग 4 बजे से 5:30 बजे के बीच स्नान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान किया जाता है, लेकिन घर पर भी स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।

स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थान पर दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लिया जाता है। संकल्प लेते समय मन शांत रखना चाहिए और महादेव से परिवार की सुख-शांति तथा अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना करनी चाहिए। इस दिन मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहने की कोशिश की जाती है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया व्रत मन को संयमित करता है और जीवन में धैर्य और स्थिरता लाता है। इसलिए कई लोग दिनभर उपवास रखते हैं और केवल फलाहार का सेवन करते हैं।

महाशिवरात्रि 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त और निशीथ काल का महत्व

महाशिवरात्रि की मुख्य पूजा रात में की जाती है। इस बार चतुर्दशी तिथि शाम से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगी, लेकिन व्रत और पूजा का मुख्य दिन आज ही माना जा रहा है।

निशीथ काल, यानी आधी रात का समय, शिव पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस बार निशीथ काल पूजा का समय रात लगभग 12:09 से 01:01 बजे के बीच रहेगा। यह समय साधना और मंत्र जाप के लिए बहुत शक्तिशाली माना जाता है।

जो भक्त चारों प्रहर की पूजा करना चाहते हैं, वे शाम से लेकर सुबह तक अलग-अलग समय पर पूजा कर सकते हैं। माना जाता है कि रातभर जागरण कर शिव नाम का स्मरण करने से मन की नकारात्मकता दूर होती है और आत्मिक शांति मिलती है।

घर पर कैसे करें महादेव की सरल पूजा

हर कोई मंदिर नहीं जा पाता, इसलिए घर पर पूजा करने की परंपरा भी काफी प्रचलित है। घर में पूजा करते समय सबसे पहले शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर के सामने दीपक जलाया जाता है।

इसके बाद जल, दूध, दही, शहद और घी से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। अभिषेक करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप किया जाता है। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल और धतूरा अर्पित किया जाता है। ध्यान रखना चाहिए कि बेलपत्र टूटा या कटा हुआ न हो।

पूजा के अंत में आरती की जाती है और पूरे परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। कई घरों में इस दिन शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ भी किया जाता है।

व्रत के नियम और पारण का सही समय

महाशिवरात्रि व्रत केवल भोजन न करने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन और विचारों की शुद्धि का दिन भी माना जाता है। इस दिन सात्विक आहार लेना चाहिए और नमक तथा अनाज से परहेज करना उत्तम माना जाता है।

अगले दिन सुबह पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है। पारण से पहले गरीब या जरूरतमंद लोगों को दान देना शुभ माना जाता है। इससे पूजा का फल और बढ़ जाता है।

कई लोग इस दिन किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहने और शांत मन से दिन बिताने की कोशिश करते हैं, क्योंकि माना जाता है कि शिव की कृपा से जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

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