Masik Shivratri 2024: इन 5 सरल उपायों से करें भगवान शिव को प्रसन्न, मिलेगा मनचाहा वरदान

Masik Shivratri 2024: मासिक शिवरात्रि, भगवान शिव की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। यह दिन पापों के नाश, मनोकामना पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्ति के लिए जाना जाता है। इस वर्ष मासिक शिवरात्रि 06 मई 2024 को मनाई जाएगी।
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Masik Shivratri 2024: मासिक शिवरात्रि, हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। यह भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश, मनोकामना पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत, स्नान, दान, ध्यान और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस वर्ष मासिक शिवरात्रि 06 मई 2024 को मनाई जाएगी।

1. पूजा-अर्चना

शिवलिंग को गंगाजल, दूध, दही, घी और शहद से स्नान कराएं। बेलपत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल चढ़ाएं। दीपक, अगरबत्ती जलाएं। शिव चालीसा का पाठ करें।
ॐ नमः शिवय मंत्र का जाप करें।

2. व्रत

मासिक शिवरात्रि के दिन निर्जला व्रत रखें। सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। पूजा-अर्चना करें। दिन भर शिव का ध्यान करें। रात्रि में पारण करें।

3. दान

मासिक शिवरात्रि के दिन दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। आप गरीबों, जरूरतमंदों को भोजन, दान-दक्षिणा दे सकते हैं। आप वस्त्र, अनाज भी दान कर सकते हैं।

4. ध्यान और योग

मासिक शिवरात्रि के दिन ध्यान और योग करना बहुत लाभकारी होता है। यह मन को शांत करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। आप शिव का ध्यान कर सकते हैं या योगासन कर सकते हैं।

5. ब्रह्मचर्य

मासिक शिवरात्रि के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसका मतलब है कि आपको मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहना चाहिए। यह दिन आध्यात्मिक आत्म-चिंतन और आत्म-सुधार का दिन है।

।।शिव स्तुति।।

आशुतोष शशांक शेखर,

चन्द्र मौली चिदंबरा,

कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,

कोटि नमन दिगम्बरा।।

निर्विकार ओमकार अविनाशी,

तुम्ही देवाधि देव,

जगत सर्जक प्रलय करता,

शिवम सत्यम सुंदरा।।

निरंकार स्वरूप कालेश्वर,

महा योगीश्वरा,

दयानिधि दानिश्वर जय,

जटाधार अभयंकरा।।

शूल पानी त्रिशूल धारी,

औगड़ी बाघम्बरी,

जय महेश त्रिलोचनाय,

विश्वनाथ विशम्भरा।।

नाथ नागेश्वर हरो हर,

पाप साप अभिशाप तम,

महादेव महान भोले,

सदा शिव शिव संकरा।।

जगत पति अनुरकती भक्ति,

सदैव तेरे चरण हो,

क्षमा हो अपराध सब,

जय जयति जगदीश्वरा।।

जनम जीवन जगत का,

संताप ताप मिटे सभी,

ओम नमः शिवाय मन,

जपता रहे पञ्चाक्षरा।।

आशुतोष शशांक शेखर,

चन्द्र मौली चिदंबरा,

कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,

कोटि नमन दिगम्बरा ।।

कोटि नमन दिगम्बरा..

कोटि नमन दिगम्बरा..

कोटि नमन दिगम्बरा..

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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