दिन बदल देगा मंगल का ये चमत्कारी रत्न, आत्मविश्वास में होगी वृद्धि, जानें कैसे करें धारण

मूंगा एक ऐसा रत्न है, जिसका संबंध मंगल ग्रह से बताया गया है। चलिए आज इसे धारण करने की सही विधि जान लेते हैं।
Moonga

मंगल एक ऐसा ग्रह है, जिसकी स्थिति कुंडली में अगर अच्छी रहे तो व्यक्ति का जीवन भी मंगलमय हो जाता है। वहीं अगर इस ग्रह की स्थिति बिगड़ने लगे तो अमंगल होने में भी देर नहीं लगती। यही कारण है कि व्यक्ति को जब भी किसी तरह की परेशानी आती है तो वह ज्योतिष से अपनी कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति की जानकारी लेने लगता है।

दरअसल, हम सभी की कुंडली में नौ ग्रह विराजित है जो हमारे जीवन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का काम करते हैं। इन ग्रहों की स्थिति को ठीक बनाया जा सके और शुभ परिणाम प्राप्त किया जा सके इसके लिए कुछ रत्नों को धारण करना बहुत शुभ माना गया है। आज हम आपको मंगल से संबंधित रत्न के बारे में जानकारी देते हैं।

मंगल का रत्न मूंगा (Moonga)

मूंगा एक ऐसा रत्न है, जो मंगल ग्रह से संबंधित है। अगर व्यक्ति से सही तरीके से धारण कर ले तो ग्रहण की स्थिति को मजबूत बना सकता है और उसके आत्मविश्वास में वृद्धि भी होने लगती है। मंगल पराक्रम, साहस और ऊर्जा का रत्न है। व्यक्ति के जीवन में चमत्कारी बदलाव लेकर आने का काम करता है। चलिए जान लेते हैं कि मंगा कब कैसे और किसे पहनना चाहिए।

कौन कर सकता है धारण

ज्योतिष के मुताबिक यह रत्न मंगल ग्रह से जुड़ा हुआ है इसलिए मेष और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह बहुत लाभदायक है। इसके अलावा धनु, सिंह और मीन लग्न के लोग भी इसे धारण कर सकते हैं। जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष होता है उनके लिए भी यह शुभ माना गया है।

कब करें धारण

मंगल से संबंधित होने की वजह से मूंगा मंगलवार के दिन धारण करना शुभ माना गया है। धारण करने से पहले इसे अच्छी तरह से शुद्ध कर लें फिर पहने।

कैसे करें धारण

  • मूंगा हमेशा सोने, चांदी या तांबे की अंगूठी में जड़वा कर पहना जाना चाहिए।
  • मंगलवार के दिन किसी गंगाजल और कच्चे दूध से अच्छी तरह से शुद्ध करें।
  • शुद्ध करने के बाद आपको इस अनामिका अंगुली में धारण करना होगा।
  • ध्यान रखिए मूंगा 7 से 8 रत्ती का होना चाहिए। इसे शुभ परिणाम प्राप्त होने लगते हैं।

कौन ना पहनें मूंगा

धनु और मकर राशि के लोगों को मूंगा नहीं पहनना चाहिए। इसके अलावा इसके साथ कभी भी हीरा नहीं पहना जाता। रत्न धारण करने से पहले कुंडली में ग्रहों की स्थिति को अच्छी तरह से देख लें। ज्योतिष की सलाह के बाद ही आपको इसे धारण करना चाहिए।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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