26 सितंबर से शुरू हो रहा है इस मास का पंचक, इन 5 बातों का अवश्य रखें ध्यान

26 सितंबर से शुरू हो रहा है इस मास का पंचक, इन 5 बातों का अवश्य रखें ध्यान

Panchak September 2023 : ज्योतिष शास्त्र में तिथियों का महत्व होता है, जिनमें पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी, चतुर्दशी, पंचक आदि शामिल है। हालांकि, कुछ तिथियां इनमें से काफी शुभ मानी जाती हैं, जबकि कुछ अशुभ मानी जाती हैं। वहीं, मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माने जाने वाले दिन हर मास में अलग-अलग होते हैं, जो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जातक की जन्मकुंडली और ग्रहों के स्थितियों के आधार पर निर्धारित होते हैं। इस समय विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, श्राद्ध आदि करना अशुभ माना जाता है। इससे देवी-देवता रुष्ट हो जाते हैं। तो चलिए जानते हैं इस महीने का पंचक किस दिन से शुरू होगा और आपको किन आवश्यक बातों का ध्यान रखना है…

इस दिन होगा शुरू

तारिख दिन समय
26 सितंबर मंगलवार रात्रि 08:28 (शुरू)
30 सितंबर शनिवार रात्रि 09:08 मिनट (खत्म)

क्या होता है पंचक

चंद्रमा के गोचर के दौरान जब चांद कुंभ और मीन राशि में स्थित होता है, तो इस समय को पंचक के रूप में जाना जाता है। पंचक की समय अवधि पांच दिन की होती है और इसी कारण इसे “पंचक” कहा जाता है।

पंचक के अंतर्गत आने वाले नक्षत्र

  • धनिष्ठा
  • शतभिषा
  • उत्तरा भाद्रपद
  • पूर्वा भाद्रपद
  • रेवती

इन बातों का रखें खास ख्याल

  1. पंचक के दौरान दिशा का महत्व होता है। पंचक के दिनों में दक्षिण दिशा की यात्रा को अशुभ माना जाता है। यहां तक कि यदि आपको दक्षिण दिशा में जाना हो, तो आपको कुछ कदम उत्तर दिशा में चलना चाहिए।
  2. घर की छत को पंचक के दौरान ढलवाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और कई प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
  3. पंचक के दौरान चारपाई बनवाना शुभ नहीं माना जाता है। इसका मुख्य कारण होता है कि इससे व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता बढ़ती है। जिससे कई सारी बाधाएं उत्पन्न हो जाती है।
  4. पंचक के दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों को निषेध किया जाता है। इन कार्यों को इस अवधि में करने से मांगलिक कार्यों पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है और यह देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने में रुकावट डाल सकता है। यह भी माना जाता है कि इस दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ सकता है। इसलिए व्यक्ति को अधिक सावधान रहना चाहिए।
  5. पंचक के दौरान घास, लकड़ी और अन्य आसानी से जलने वाली वस्तुओं को एकत्र नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे आग लगने का खतरा होता है। पंचक के दौरान अधिकतर लोग आग से संबंधित सावधानियों का पालन करते हैं ताकि कोई आपत्ति न आए।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना अलग-अलग जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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