सावन की संकष्टी चतुर्थी कल, बन रहा है प्रीति योग, ऐसे करें पूजा, भगवान गणेश होंगे प्रसन्न, अर्पित करें ये 5 चीजें

सावन की संकष्टी चतुर्थी कल, बन रहा है प्रीति योग, ऐसे करें पूजा, भगवान गणेश होंगे प्रसन्न, अर्पित करें ये 5 चीजें

Sawan Sankashti Chaturthi: 4 जुलाई से सावन का पावन महीना शुरु हो चुका है। सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गजानन संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। मान्यताएं हैं कि इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में सुख धन और समृद्धि की वृद्धि होती है। परिवार में हो रहा क्लेश खत्म होता है और कष्ट दूर होते हैं।

शुभ मुहूर्त और योग

इस बार प्रीति योग में सावन की संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। साथ ही इस दिन भद्रा और पंचक का साया भी रहेगा। भगवान गणेश की पूजा के लिए 6 जुलाई को सुबह 5:26 बजे से लेकर 10:40 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। वहीं रात 10:12 बजे चंद्रोदय का समय है।

बप्पा को जरूर चढ़ाएं ये चीजें

इस दिन पूजा करने से न केवल भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने की भी परंपरा है। पूजा के दौरान गणपति बप्पा को दूर्वा घास, सिंदूर, लाल वस्त्र, मोदक और पान का पत्ता अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। साथ ही सौभाग्य और सुख में वृद्धि होती है।

ऐसे करें पूजा

    • संकष्टी चतुर्थी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
    • उसके बाद व्रत का संकल्प लें। घर के ईशान कोण में एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाए और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
    • गणपति बप्पा को अक्षत, दूर्वा, जल इत्यादि अर्पित करें और “गं गणपतए नमः ” मंत्र का जाप करें।
    • भगवान गणेश को भोग अर्पित करें। उ
    • रात के समय चंद्र देव की पूजा करें। अर्घ्य देते समय चंदन, दूध और शहद चढ़ाएं और व्रत का पारण करें।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews