शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2025) के त्यौहार का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व माना गया है। इसमें सबसे खास अष्टमी और नवमी तिथि होती है। जो लोग व्रत रखते हैं, वो अक्सर इन्हीं दिनों पर व्रत का पारण करते हैं। इस साल 30 सितंबर को अष्टमी का पर्व मनाया जाने वाला है।
महाष्टमी और महानवमी पूजन पाठ के नजरिये से वैसे भी बहुत शुभ मानी गई है। 30 सितंबर को अष्टमी और 1 नवंबर को नवमी पूजन किया जाने वाला है। चलिए जान लेते हैं कि इस दिन आप किस तरह से नवरात्रि का व्रत खोल सकते हैं। नियम के साथ खोला गया व्रत आपको पूर्ण फल की प्राप्ति करवाएगा।
कैसे करें व्रत (Shardiya Navratri 2025)
अष्टमी या नवमी पर सुभाष स्नान करने के बाद विधि विधान से माता रानी की पूजन करें। अब आपको माता को हलवा, पूरी और चने का भोग लगाना होगा। पूजन में लाल-पीले रंग के फूलों का इस्तेमाल जरूर करें। आखिर में दीपक जलाकर आरती करते हुए सभी लोगों को प्रसाद बांटे। आपकी जितनी श्रद्धा हो उसके मुताबिक 7, 9 या फिर 11 कन्याओं को भोजन के लिए आमंत्रित करें। कन्या के साथ आपको बटुक जरूर बुलाना चाहिए।
कन्याओं और बटुक का स्वागत कर उन्हें भक्ति भाव के साथ भोजन करवाएं। अंत में उन्हें विदाई देते हुए आपको उन्हें कोई ना कोई उपहार या फिर धन देना चाहिए। ऐसा करते समय आशीर्वाद लेना बिल्कुल ना भूलें। इस दिन हवन करना भी बहुत शुभ माना गया है। दुर्गा सप्तशती और दुर्गा मंत्र का जाप जरुर करें इससे देवी मन प्रसन्न होती हैं। इससे आपको सुख समृद्धि का आशीर्वाद मिलेगा।
ना करें ये गलतियां
- कन्या पूजन के दौरान आपको किसी भी तरह की जानकारी नहीं करनी चाहिए।
- आपके घर पर जो कन्या आई है उसे कभी भी खाली हाथ नहीं भेजना चाहिए।
- घर आई कन्या को अपनी क्षमता के मुताबिक कोई ना कोई उपहार या फिर पैसे दे सकते हैं।
- कन्याओं को विदा करते समय उन्हें थोड़ा-थोड़ा प्रसाद जरूर दें।
- अब आपको अपना व्रत खोलना है और फिर पूरा दिन सात्विक भोजन करना है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।






