सिंह संक्रांति 17 अगस्त को, बन रहा बेहद ही शुभ संयोग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 4 उपाय

meen sankranti

Singh Sankranti 2023: जिस दिन सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं, उस दिन को संक्रांति के नाम से जाना जाता है। हर महीने संक्रांति मनाई जाती है। 17 अगस्त को ग्रहों के राजा सूर्यदेव सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, इस दिन को “सिंह संक्रांति” के रूप में मनाया जाएगा। 17 अगस्त गुरुवार को दोपहर 1:44 बजे सूर्य कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और 17 सितंबर तक यहीं विराजमान रहेंगे।

इन राशियों को होगा लाभ

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका असर सभी राशि के जातकों पर पड़ेगा। इस दिन बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है, जिसे सिंह राशि के अलावा तीन राशियों के लिए इसे बेहद शुभ माना गया है। जातकों के जीवन में तरक्की के प्रबल योग बनेंगे। स्नान-दान करने से पुण्य की प्राप्ति होगी।

  • तुला राशि:- तुला राशि के जातकों पर सूर्यदेव की विशेष कृपा बरसेगी। मनोकामना पूरी होगी। मेहनत से किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि होगी।
  • धनु राशि:- इस राशि के जातकों के लिए सिंह संक्रांति का दिन शुभ होगा। सेहत से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलेग। लंबे समय से सटके कार्य पूरे होंगे।
  • मीन राशि:- जातकों के लिए आने वाला दिन शुभ होगा। धन-समृद्धि में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी।

करें ये उपाय

सिंह संक्रांति के दिन कुछ उपायों को करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में तरक्की मिलती है।

  • इस दिन घी खाने का विशेष महत्व होता है। मान्यताएं हैं कि ऐसा करने से राहु-केतु के दुष्प्रभाव से राहत मिलती है। बल-बुद्धि में वृद्धि होती है।
  • इस दिन तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य दें। जल में लाल फूल, गेंहू के दाने और लाल चंदन मिला लें।
  • इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों के बीच गेंहू, तिल, गुड़ तांबा, लाल रंग के वस्त्र इत्यादि का दान करें। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होते हैं।
  • अर्घ्य देते समय से समय परिक्रमा करें और “ॐ आदित्याय नमः” का जाप करें।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल  जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews