
Surya Grahan 2024: इस साल का पहला सूर्यग्रहण अब ज्यादा दूर नहीं है। 8 अप्रैल 2024 को सूर्यग्रहण होगा। भारतीय समय की बात करें तो नीयत तारीख पर सूर्यग्रहण रात 9 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर रात 2 बजकर 22 मिनट तक जारी रहेगा, जो लोग ग्रहण की जानकारी रखते हैं, वो ये भी जानते हैं कि ग्रहण का सूतक काल खास महत्व रखता है।
इस समय पर कोई शुभ कार्य तो किए ही नहीं जाते हैं। इसके अलावा कई लोग भोजन भी नहीं करते हैं। इस काल से पहले भगवान शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय किए जाने चाहिए।मान्यता है कि ऐसा करने शनि देव भी प्रसन्न होते हैं और सूतक के बुरे प्रभाव से भी बचा जा सकता है।
सूर्य ग्रहण पर करें शनि से जुड़े ये उपाय, कष्ट होंगे दूर, मनोकामना होगी पूरी
- माना जाता है कि सूतक काल लगने से पहले ही शनि देव के मंदिर जाएं और भगवान को सरसों का तेल या तिल का तेल अर्पित करें। ऐसा करने से सूर्य ग्रहण का कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है।
- सूर्य ग्रहण के दौरान छाया दान करने से भी लाभ मिलता है। मान्यता है कि छाया दान से किसी भी ग्रह के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है।
- सूर्य ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए शनि चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस अवसर पर किए गए पाठ से मनोकामना भी पूरी होती हैं और शनिदोष से भी छुटकारा मिल जाता है।
- सूर्य ग्रहण के दिन शनि देव का पूजन करने के बाद पीपल के पेड़ के नीचे लौंग डालकर दीपक जलाएं। ऐसा करने से भी आप पर पड़ने वाला ग्रहण का बुरा असर काफी हद तक कम होगा।
कब लगता है सूर्य ग्रहण?
हिंदू धर्म में ग्रहण का बड़ा महत्व है। खगोलीय और धार्मिक दोनों दृष्टियों से सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है। इसे ही सूर्य ग्रहण का नाम दिया गया है।
ग्रहण में किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान
- वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रहण को भूलकर भी खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए। सूतक काल में देवी देवता की पूजा नहीं करनी चाहिए।
- ग्रहण के दौरान भोजन पानी नहीं करना चाहिए , और खाने पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान बाल-नाखून नहीं काटना चाहिए।गर्भवती महिलाओं को धारदार वस्तुओं के प्रयोग से बचना चाहिए।
- ग्रहण में लोगों को मंत्र और भजन का जाप करना चाहिए। नौकरी में तरक्की के लिए सूर्य ग्रहण के बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनें और फिर सूर्य देव का ध्यान करके गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, तांबा आदि का दान करें।
(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)
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