Wednesday Special: कर्ज से पाना चाहते हैं मुक्ति, करें ये काम, भगवान गणेश की कृपा से मिट जाएगा बोझ

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Wednesday Special: ऋणमोचन गणपति स्तोत्र, जिसे ऋण विमोचन स्तोत्र या ऋणहार स्तोत्र के नाम से भी जाना जाता है, भगवान गणेश की स्तुति का एक शक्तिशाली स्तोत्र है। हिन्दू धर्म में ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता (बाधाओं को दूर करने वाले) और धन के देवता हैं। ऋणमोचन गणपति स्तोत्र का पाठ करने से कर्ज से मुक्ति, धन-समृद्धि, और सफलता प्राप्त करने में सहायता मिलती है। यह स्तोत्र बुधवार को विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि बुधवार भगवान गणेश का दिन है। बुधवार के दिन ऋणमोचन गणपति स्तोत्र का पाठ करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। व्यवसाय में सफलता प्राप्त होती है। विघ्नों और बाधाओं का नाश होता है।मन में शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र

ॐ स्मरामि देव-देवेश, वक्र-तुण्डं महा-बलम्।
षडक्षरं कृपा-सिन्धु, नमामि ऋण-मुक्तये।।

महा-गणपतिं देवं, महा-सत्त्वं महा-बलम्।
महा-विघ्न-हरं सौम्यं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

एकाक्षरं एक-दन्तं, एक-ब्रह्म सनातनम्।
एकमेवाद्वितीयं च, नमामि ऋण-मुक्तये।।

शुक्लाम्बरं शुक्ल-वर्णं, शुक्ल-गन्धानुलेपनम्।
सर्व-शुक्ल-मयं देवं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

रक्ताम्बरं रक्त-वर्णं, रक्त-गन्धानुलेपनम्।
रक्त-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

कृष्णाम्बरं कृष्ण-वर्णं, कृष्ण-गन्धानुलेपनम्।
कृष्ण-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

पीताम्बरं पीत-वर्णं, पीत-गन्धानुलेपनम्।
पीत-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

नीलाम्बरं नील-वर्णं, नील-गन्धानुलेपनम्।
नील-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

धूम्राम्बरं धूम्र-वर्णं, धूम्र-गन्धानुलेपनम्।
धूम्र-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

सर्वाम्बरं सर्व-वर्णं, सर्व-गन्धानुलेपनम्।
सर्व-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

भद्र-जातं च रुपं च, पाशांकुश-धरं शुभम्।
सर्व-विघ्न-हरं देवं, नमामि ऋण-मुक्तये।।

यः पठेत् ऋण-हरं-स्तोत्रं, प्रातः-काले सुधी नरः।
षण्मासाभ्यन्तरे चैव, ऋणच्छेदो भविष्यति।।

ऋणमोचन गणपति स्तोत्र का पाठ कैसे करें

1. स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
2. पूजा स्थान को साफ करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
3. दीपक, धूप, नैवेद्य और फूल अर्पित करें।
4. ऋणमोचन गणपति स्तोत्र का 11, 21, या 108 बार पाठ करें।
5. पाठ करते समय ध्यान केंद्रित करें और भगवान गणेश से प्रार्थना करें।
6. पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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