MP के इन कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए बड़ी खबर, सभी अवकाश निरस्त, दिशा-निर्देश जारी

government employees

रीवा, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए काम की खबर है। जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के चलते प्रसूति एवं मेडिकल विभाग को छोड़कर पशु चिकित्सा अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए है।वही रीवा नगर निगम क्षेत्र में सूकरों की खरीद, बिक्री, परिवहन तथा सूकर के मांस की बिक्री एवं उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश प्रिवेंशन एण्ड कंट्रोल ऑफ इन्फेक्शियस एण्ड कंटेजियस एनीमल डिसीज एक्ट 2009 के तहत जारी किया गया है।

यह भी पढ़े..MP News: भारी बारिश के चलते इन जिलों के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित, कलेक्टरों ने जारी किए आदेश

संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. आर.के. मेहिया और आईसीएआर निवेदी बेंगलुरु के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एस. पाटिल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पशुपालन विभाग के सभी सभी अधिकारियों को अफ्रीकन स्वाइन फीवर बीमारी और उसके नियंत्रण के उपायों के बारे में जानकारी दी।इस दौरान संचालक ने सभी जिलों के अधिकारियों से उनके जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों और दवाओं की उपलब्धता की अद्यतन जानकारी ली। वर्तमान में रीवा जिले में बीमारी की पुष्टि हुई है।

वही रीवा नगर के वार्ड क्रमांक-15 को एपी सेंटर घोषित करते हुए सूकरों के क्रय-विक्रय और परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही 10 किलोमीटर की परिधि में सतत मॉनिटरिंग के लिए विभिन्न दलों का गठन किया गया है। रीवा जिले में पदस्थ विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के समस्त अवकाश (प्रसूति एवं मेडिकल अवकाश छोड़कर) निरस्त कर दिए गए हैं।वर्चुअल बैठक में बताया गया कि यह सूकर प्रजाति की अत्यंत घातक और विषाणुजनित बीमारी है, जिसमें 90 से 100% मृत्यु की संभावना रहती है। लेकिन राहत की बात यह है कि यह बीमारी सूकर से मनुष्य और गौ-भैंस वंशीय, भेड़-बकरी आदि पशुओं में नहीं फैलती है।

यह भी पढ़े.. Bank Holiday 2022: जल्द निपटा लीजिए जरूरी काम, सितंबर में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक

यह बीमारी केवल सूकर प्रजाति तक ही सीमित रहती है।अफ्रीकन स्वाइन फीवर, संक्रमित सूकर से स्वस्थ सूकर के संपर्क में आने अथवा संक्रमित खून, भोजन, बिसरा आदि से फैलता है। जैव -वाहक के रूप में किलनी (सॉफ्ट टिक) से संक्रमण सबसे ज्यादा फैलता है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews