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रीवा में तीन घंटे के जाम के बाद चला प्रशासन का डंडा, सैकड़ों लोगों पर FIR से मचा हड़कंप

Written by:Bhawna Choubey
Published:
कलेक्टर ऑफिस के सामने प्रदर्शन, डीजे के साथ सड़क जाम और घंटों तक रुका ट्रैफिक रीवा में हुए इस विरोध ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। अब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज, वीडियो से पहचान जारी।
रीवा में तीन घंटे के जाम के बाद चला प्रशासन का डंडा, सैकड़ों लोगों पर FIR से मचा हड़कंप

कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा होने लगे और देखते ही देखते मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। लोग पहले इसे सामान्य प्रदर्शन समझ रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे सड़क पूरी तरह बंद हो गई।

करीब साढ़े तीन घंटे तक शहर का मुख्य मार्ग बंद रहा। स्कूल बसें, एंबुलेंस, ऑफिस जाने वाले लोग और बाजार की ओर जा रहे नागरिक सभी इस जाम में फंसे रहे। प्रशासन ने हालात को बिगड़ता देख सख्ती दिखाई और बाद में 300 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज कर दी। अब यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

UGC समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार यह प्रदर्शन विभिन्न संगठनों द्वारा उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों और मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने UGC से संबंधित फैसलों के समर्थन में अपनी बात रखने के लिए रैली निकाली थी।

हालांकि शुरुआत शांतिपूर्ण बताई जा रही है, लेकिन कुछ ही देर में भीड़ बढ़ती चली गई और लोग कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार और सड़क पर बैठ गए। कई लोग डीजे और साउंड सिस्टम लेकर पहुंचे, जिससे माहौल और शोरगुल वाला हो गया।

प्रदर्शन के कारण सरकारी दफ्तरों का कामकाज प्रभावित हुआ। कलेक्ट्रेट आने वाले नागरिकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। अधिकारियों के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए और मामला बढ़ता गया।

साढ़े तीन घंटे तक रुका ट्रैफिक, आम लोगों को उठानी पड़ी परेशानी

शहर की मुख्य सड़क बंद होने का असर पूरे यातायात तंत्र पर पड़ा। आसपास के सभी मार्गों पर लंबा जाम लग गया। कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन वहां भी भीड़ बढ़ती गई।

स्कूल से घर लौटते बच्चे, अस्पताल जा रहे मरीज और नौकरीपेशा लोग सबसे ज्यादा परेशान हुए। कई एंबुलेंस को जाम में फंसे रहने की जानकारी भी सामने आई, जिससे नागरिकों में नाराजगी देखी गई।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही भी कम हो गई और कारोबार प्रभावित हुआ। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी परेशानी साझा की।

प्रशासन का सख्त रुख, एक साथ सैकड़ों लोगों पर FIR

स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया। सिविल लाइंस थाने में करीब 300 से 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था में बाधा डाली और सरकारी कामकाज को प्रभावित किया।

इस मामले में कार्रवाई सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के माध्यम से की गई, जहां घटना को लेकर केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क जाम करना और प्रशासनिक कार्य में बाधा डालना कानून के खिलाफ है। पुलिस का कहना है कि अभी पहचान की प्रक्रिया जारी है और आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

वीडियो फुटेज से हो रही पहचान

घटना के दौरान पुलिस और प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई थी। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इन फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है जो सड़क जाम करने और भीड़ को भड़काने में सक्रिय थे। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्ती भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगी।

कलेक्टर से मिलने पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी

बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी कलेक्टर से सीधे बातचीत करना चाहते थे। अपर कलेक्टर और एसडीएम ने ज्ञापन लेने की कोशिश भी की, लेकिन भीड़ ने इसे स्वीकार नहीं किया।

उस समय कलेक्टर किसी अन्य प्रशासनिक बैठक में व्यस्त थे, जिसके कारण सीधे संवाद नहीं हो सका। इस बात से भी प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ी और वे सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। आखिरकार पुलिस बल और प्रशासनिक समझाइश के बाद धीरे-धीरे भीड़ हटाई गई और यातायात फिर सामान्य हो सका।

 

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