Lokayukta Action : बेटा अपनी माँ के नाम करा रहा था जमीन, भ्रष्ट पटवारी ने मांगी रिश्वत, रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta Action : बेटा अपनी माँ के नाम करा रहा था जमीन, भ्रष्ट पटवारी ने मांगी रिश्वत, रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta Sagar Police Action : सागर लोकायुक्त पुलिस की टीम पिछले कुछ दिनों से उसके कार्य क्षेत्र में लगातार भ्रष्ट शासकीय सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर रही है। आज शुक्रवार को भी लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने एक रिश्वतखोर पटवारी को गिरफ्तार किया हैं, भ्रष्ट पटवारी एक आवेदक से जमीन नामांतरण के बदले रिश्वत ले रहा था।

सागर लोकायुक्त एसपी योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि  जिले की राहतगढ़ तहसील के ग्राम लोहर्रा के निवासी संजय कुर्मी ने एक आवेदन पिछले दिनों उनके कार्यालय में दिया था जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगाये गए थे।

आवेदन में आवेदक संजय कुर्मी ने कहा कि उसके पिता का निधन हो गया है, पुश्तैनी जमीन उसके और उसकी माँ के नाम है, वो अपनी जमीन भी माँ के नाम करवाना चाहता है इसके लिए उसने एक आवेदन तहसील में दिया था, तहसील में पदस्थ पटवारी हल्का नं40 लोहर्रा तहसील राहतगढ़ अनुराग  ताम्रकार नामांतरण के बदले 8,000/- रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने शिकायत की सत्यता की जाँच के लिए आवेदक को टेप रिकॉर्डर देकर वापस समझाइश देकर भेजा, लोकायुक्त से मिली समझाइश के बाद आवेदक संजय कुर्मी ने पटवारी अनुराग ताम्रकार से रिश्वत लेने के समय,दिन और स्थान बताने के लिए कहा।

पटवारी ने आवेदक को आज 23 जून को  पम्मा साहु काम्पलेक्स के सामने सिविल लाइन सागर पर बुलाया, आवेदक संजय कुर्मी ने तय समय पर यहाँ पहुंचकर पटवारी अनुराग ताम्रकार को रिश्वत की  राशि 8,000/- रुपये दी और टीम को इशारा कर दिया, इशारा मिलते ही आसपास छिपी खड़ी लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने पटवारी को पकड़ लिया।

लोकायुक्त की टीम ने पटवारी की जेब से रिश्वत की राशि 8,000/- जब्त कर ली और जब उसके हाथ धुलवाए तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस सागर ने रिश्वत लेने वाले पटवारी अनुराग ताम्रकार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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