11 केवी लाइन को हटाने ठेकेदार के एस्टीमेट को DE से पास कराने AE ने ली 1 लाख रुपये रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के स्पष्ट निर्देश हैं रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार पर सख्त, तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस लगातार घूसखोर शासकीय सेवकों को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार कर रही है।
lokayukta action

lokayukta police action

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी इस कदर हावी है कि अधिकारी बेख़ौफ़ घूस ले रहे हैं जबकि वे जानते हैं कि यदि पकडे गए तो नुक्ती जा सकती है फिर भी लालच में अंधे शासकीय सेवक अपराध कर रहे हैं , आज एक ऐसे लालची घूसखोर इंजीनियर को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने रंगे हाथ दबोचा है।

लोकायुक्त पुलिस सागर के एसपी योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नेहा नगर मकरोनिया सागर के रहने वाले राम कुमार पटेल बिजली विभाग में ठेकेदारी करते हैं उन्होंने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में दिया था जिसमें प्रभारी सहायक यंत्री  मिलन परतेती पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

11 केवी लाइन हटाने AE ने मांगी ठेकेदार से रिश्वत 

आवेदन में ठेकेदार ने लिखा कि एक उपभोक्ता के प्केलाट  ऊपर से 11 केवी की लाइन गुजर रही है जिसे हटवाने के लिए उसने आवेदन दिया था जिसके आधार पर उसने (ठेकेदार ने ) शिफ्टिंग का एक्स्तिमेत बनाकर मिलन परतेती  को दिया था लेकिन इस फ़ाइल को DE से अप्रूव करने के बदले वे डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

मांगी डेढ़ लाख की रिश्वत,1 लाख लेने पर हुआ राजी 

शिकायती आवेदन की सत्यता की जाँच की गई तो प्रभारी सहायक अभियंता मिलन परतेती फ़ाइल अप्रूव कराने के लिए डेढ़ लाख रुपये की जगह एक लाख रुपये लेने के लिए सहमत हो गया, इसके बाद ट्रैप प्लान किया गया, एसपी के निर्देश पर ट्रैप दल बनाया गया।

रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा भ्रष्ट इंजीनियर  

प्रभारी सहायक यंत्री मिलन परतेती ने आवेदक ठेकेदार राम कुमार पटेल को पावर हाऊस सागर शहर कार्यालय पर बुलाया , टीम उसे लेकर पहुंची और रिश्वत की राशि जैसे ही AE के हाथ में आई छिपी हुई लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।

आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज 

लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने आरोपी प्रभारी सहायक यंत्री मिलन परतेती के पास से रिश्वत के रूप में ली गई राशि 1 लाख रुपये बरामद कर ली , उसके हाथ धुलवाए तो गुलाबी हो गए उसके बाद विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews