
सागर|मनीष तिवारी| केंद्रीय जेल सागर में जैन आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से स्थापित की गई हथकरघा इकाई से तैयार वस्तुओं के विक्रय के लिए बनाए गए विक्रय केंद्र का आज शुभारंभ हुआ| सागर कमिश्नर जेके जैन तथा जैन मुनि श्री कुंथु जी महाराज ने विक्रय केंद्र का शुभारम्भ किया|
सरकार द्वारा जेल में निरुद्ध कैदियों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के तहत केंद्रीय जेल सागर के बंदिओं द्वारा हथकरघा से तथा मूर्ति कला काष्ठ कला तथा हस्त शिल्प द्वारा विभिन्न सुंदर तथा सस्ती बस्तुओं का निर्माण किया जाता है| जिनके विक्रय के लिए एक विक्रय केंद्र की स्थापना की गई है जिसका शुभारंभ किया गया|
इस विक्रय केंद्र के बन जाने इन सामग्रियों का विक्रय सुगमता से हो सकेगा जिससे कैदी ओर लगन तथा मेहनत से सामग्री का निर्माण करेंगे |
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

