क्रिकेट खेलते खेलते बच्चों ने पहाड़ी पर अचानक यह क्या खोज लिया कि गांव वालों की भीड इकट्ठा हो गई, पढ़ें डिटेल

बच्चों के इस कारनामे की खबर लगते ही पहाड़ी पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी अब लोग इसे प्राचीन समय से पहाड़ी पर बिराजे आधार बाबा का चमत्कार और आशीर्वाद मान रहे हैं और यहां पूजा अर्चना भी शुरु कर दी है।
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कहते हैं बच्चे जो कर जाएँ वो थोड़ा है यानि बच्चे कुछ भी कर सकते हैं, कुछ ऐसा ही हुआ है सागर जिले के सुरखी में जहाँ बच्चों ने खेल खेल में अक ऐसा कारनामा कर दिखाया कि पूरा गांव उस जगह इकठ्ठा हो गया और बच्चों के काम की तारीफों के पुल बांधने लगा।

दर असल सुरखी नगर परिषद के कुछ बच्चों ने क्रिकेट खेलते खेलते एक कुआनुमा गड्डा खोद दिया , बच्चों के ऐसा करते ही उसमें से पानी की धारा निकल आई फिर बच्चों ने उसे और गहरा किया तो पानी की मात्रा बढ़ने लगी जिसकी खबर लगते ही वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

200 फीट ऊँची पहाड़ी पर बच्चों ने निकाल दी जलधारा  

सागर जिले के सुरखी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 अवंतीबाई वार्ड जिसको पहले विदवास गांव के नाम से जानते थे वहां जमीन से लगभग दो सौ फिट की उंची पहाड़ी पर अक्सर छोटे छोटे बच्चे क्रिकेट खेलते थे खेल खेल में बच्चों ने एक जगह खुदाई चालू कर दी अचानक वहां जलधारा बह निकली।

ग्रामीण मान रहे पहाड़ी पर बसे देवता का आशीर्वाद 

बच्चों के इस कारनामे की खबर लगते ही पहाड़ी पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी अब लोग इसे प्राचीन समय से पहाड़ी पर बिराजे आधार बाबा का चमत्कार और आशीर्वाद मान रहे हैं और यहां पूजा अर्चना भी शुरु कर दी है। आधार बाबा यहां क्षेत्रीय देवता माने जाते और इस जगह पर उनका बहुत प्राचीन एक छोटा सा मंदिर है जो जमीन और खेतों से लगभग पांच सौर फिट की उंचाई पर पहाड़ी पर स्थित है इस छोटे से कुआनुमा झिरिया का जल भी बहुत शुद्ध दिखाई दे रहा है, क्षेत्रीय लोग बच्चों के इस काम की तारीफ कर रहे हैं।

विनोद जैन की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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