NEET परीक्षा में हुई अनियमितता का विरोध तेज, सागर मेडिकल कॉलेज के प्रोफ़ेसर ने 14 जून को “नेशनल एक्शन डे” मनाने की अपील की

याद रखिये देश का जितना बुरा बदमाशों की बदमाशी से नहीं होता है उससे ज्यादा बुरा होता है शरीफों की भलमनसाहत से और गलती की तरफ ऊँगली नहीं उठाने से,  इसलिए मैं निवेदन करता हूँ कि 14 जून को "नेशनल एक्शन डे" मनाया जाये, इस दिन आप अपने शहर के प्रमुख चौराहे पर नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी का विरोध करें मोमबत्ती जलाएं क्योंकि परिस्थतियाँ ठीक होती नहीं हैं उन्हें करना पड़ता है। 
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NEET exam Irregularities case : देश में हाल ही आये मेडिकल इंट्रेंस एक्जाम नीट के रिजल्ट में सामने आई गड़बड़ी ने सरकार की तैयारियों और परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसियों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, नीट परीक्षा शुरू होने के बाद से पहली बार हुई इतनी बड़ी धांधली का विरोध तेज हो गया है, स्टूडेंट्स के साथ साथ अब मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर्स भी इसमें शामिल हो गये है मप्र के सागर जिले के मेडिकल कॉलेज के प्रोफ़ेसर ने तो 14 जून को नेशनल एक्शन डे मनाने का आह्वान किया है।

मध्य प्रदेश के सागर जिले के मेडिकल कॉलेज में पदस्थ प्रोफ़ेसर डॉ सर्वेश जैन ने नीट परीक्षा में हुई धांधली पर बड़े सवाल उठए हैं, उन्होंने एक वीडियो सन्देश में कहा कि नीट परीक्षा में धांधली सामने आई है लेकिन अभी तक सरकार बेशर्मी के साथ चुप्पी साधे हुए है, उन्होंने कहा धर्म के नाम पर जनभावनाएं उद्वेलित करना ही क्या सरकार का काम है?  लेकिन मैं ये मानता हूँ कि देशभक्ति इस बात में नहीं है, डॉ जैन ने कहा- सरदार पटेल ने भी कहा था कि सरकार की हाँ में हाँ मिलाने वाले देश के दुश्मन होते है सवाल खड़े  वाले और गलती की तरफ ऊँगली उठाने वाले देशभक्त होते हैं।

ऐसा कर सरकार एक कुंठित पीढ़ी तैयार कर रही है 

प्रोफ़ेसर डॉ जैन ने कहा-  हमारे बच्चे सालों मेहनत करते हैं और जब उन्हें पता चलता है कि वे ओ अपनी काबिलियत  की कमी से नहीं दूसरों के पैसे के दम के कारण सिलेक्ट नहीं हो पाए तो ये बहुत फ्रस्टेटिंग है, तो आप ऐसा फ्रस्टेटेड आदमी पैदा कर रहे जो जीवनभर कुंठा में रहेगा और जो ये सोचता रहेगा कि सरकार ने अपना काम ठीक से नहीं किया।

विरोधस्वरुप 14 जून को  “नेशनल एक्शन डे”  मनाने की अपील 

आपको क्या लगता है इस देश की मालिक सरकार है? नहीं इस देश के मालिक आप हैं, आप आम जनता है, तमाम काम और इंतजाम देखने के लिए सरकार को हमने टैक्स देकर वहां बैठाया है, याद रखिये देश का जितना बुरा बदमाशों की बदमाशी से नहीं होता है उससे ज्यादा बुरा होता है शरीफों की भलमनसाहत से और गलती की तरफ ऊँगली नहीं उठाने से,  इसलिए मैं निवेदन करता हूँ कि 14 जून को “नेशनल एक्शन डे” मनाया जाये, इस दिन आप अपने शहर के प्रमुख चौराहे पर नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी का विरोध करें मोमबत्ती जलाएं क्योंकि परिस्थतियाँ ठीक होती नहीं हैं उन्हें करना पड़ता है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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