समता मूलक समाज कल्याण विकास समिति सतना में बनेगी नंबर वन: जिला पंचायत उपाध्यक्ष

समता मूलक समाज कल्याण विकास समिति सतना में बनेगी नंबर वन: जिला पंचायत उपाध्यक्ष

सतना।पुष्पराज सिंह। सतना के नागोद ब्लॉक ग्राम पंचायत आकोना साठी में समता मूलक उजागर समाज कल्याण विकास समिति कार्यालय का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष रश्मि सिंह रही। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्म श्री से समानित बाबू लाल दहिया द्वारा की गई।

ग्रामीणों के बीच समता मुलक कार्यालय का उदघाटन डॉ रश्मि सिंह ने फीता काट व फूल माला चढ़ा कर किया। कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर रश्मि सिंह ने बाबू लाल दहिया की नजीर पेश करते हुए समाज हित में काम करने की नसीहत दी और कहा कि जिस तरह बाबू लाल दहिया ने सरकार के पद्म श्री को ठुकरा दिया और लडाई लड़ी उसी तरह समाज में आप को काम करना है। समता मूलक वो संस्था है जो आप के और समाज के हित में काम कर रही है। डॉ रश्मि ने बताया कि समाज में ऐसे लोग भी है जो आप को हतोत्साहित कर सकते है, लेकिन पीछे नही हटना है। अपने ऊपर फेंके हुए पत्थर से ही एक स्वच्छ समाज की नींव रखना है। कार्यक्रम के अध्यक्ष बाबू लाल दहिया को इसका उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आप को बहुत से लोगो से लडऩा पड़ेगा। चाहे सरकार के पक्ष के हो या सरकार के विपक्ष के हो परिवार के हो या समाज के हो। समता विकास समिति को बधाई देते हुए डॉ. रश्मि सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में जितने लोग है वो शेर है और किसी काम को करने के लिए शेरो की जरूरत पड़ती है, ढेरो की नही। शेर कार्यक्रम में मौजूद है और ढेर घर में बैठे है। उन्होंने बताया समाज निर्माण में समता मूलक उजागर समिति सतना में अव्वल होगी कही भी पीछे नही होगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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