फसलों के लिए आसमान से बरसा अमृत, महिलाओं ने नृत्य कर मनाई खुशियां

फसलों के लिए आसमान से बरसा अमृत, महिलाओं ने नृत्य कर मनाई खुशियां

सीहोर, अनुराग शर्मा
जिले मे गुरुवार और शुक्रवार को हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। पानी बरसा तो किसान खुशी से झूम उठे। खुशी ऐसी थी महिलाओं ने बधाई गीतगाकर जमकर बरसते पानी में नृत्य किया। यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 24 घंटे में 31.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से बारिश न होने से किसान बेहद परेशान थे। उनको अपनी फसलों के बर्बाद होने की चिंता सता रही थी। यही दुआ कर रहे थे कि किसी भी तरह पानी बरसा दो।

मानसून आने के बाद जिले में खरीफ की बोवनी भी हो चुकी है और धान के साथ अन्य फसल भी खेतों में नजर आने लगी लेकिन इधर आसमान से बादल जैसे गायब ही हो गए। गर्मी से लोग बेहाल हुए तो खेतों की फसलें भी मुरझाने लगीं। यह देखकर किसान फिक्रमंद हो गए थे। बरसात का सीजन होने के बावजूद बारिश न होने से बोवनी कर बैठे किसानों की उम्मीदें धीरे-धीरे टूट रही थीं। डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि के बाद किसान हताश व निराश हो चले थे। ऐसे में बरसाती सीजन की पहली दमदार बारिश किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई। अब तक की सबसे अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे पर खुशी झलक रही है। गुरुवा को सुबह से शुरू हो हुआ हल्की बारिश का दौर रूक-रूक कर शाम तक चलता रहा। किसानों ने खरीफ-2020 में लगभग 95 प्रतिशत बोनी पूरी कर ली है। किसान धान रोपा में व्यस्त हो गए है। कृषि विभाग से जिले में तकरीबन साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोवनी करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों ने खरीफ मौसम की धान, मक्का, दलहन और तिलहन फसलों की बोवनी पूरी की जा चुकी है। अारएके कृषि कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि आने वाले दिनों में घने बादल छाए रहेंगे। साथ ही लगातार हल्की और तेज बारिश का दौर भी चलेगा। इस बारिश खरीफ फसलों को फायदा होगा।

बारिश होने पर महिलाओं ने बधाई गीत गाकर किया नृत्य
बारिश नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं रूठे इंद्र को मनाने के बीते एक फखवाड़े से कई प्रकार के टोटके करने में लगी थीं। कोई इंद्रदेव के ओटले पर जामकर प्रसार चढ़ रहा था। तो कोई तालाब की पाल पर बैठ कर बाटियां बना रहा था। वहीं मेंढ़क-मेंढ़की की शादी भी अच्छी बारिश के लिए की गई। मंगलवार की रात से जैसे ही बारिश का दौर शुरू हुआ, तो किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। ग्राम उलझावन में तो महिलाओं नेे बाधाई गीत गाते हुए बारिश में जमकर नृत्य भी किया।

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