कोरोना इफेक्ट: अब उपभोक्ताओं को SMS से बिजली बिल भेजेगी कंपनी

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सीहोर। अनुराग शर्मा।सीहोर शहर में बिजली कंपनी के सामान्य कमर्शियल और घरेलू उपभोक्ता करीब 26 हजार है इन उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी अप्रैल में आने वाले मार्च महीने के बिजली बिल की राशि एस एम एस से भेजेगी साथ ही उपभोक्ताओं से ऑनलाइन भुगतान कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा

अभी पावर हाउस चौराहा स्थित बिजली कंपनी कार्यालय के सभी काउंटर अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिए गए लागू डाउन की घोषणा के बाद बिजली कंपनी भी पब्लिक के लिए बिजली बिल जमा करने वाले काउंटर को बंद कर दिया है यह काउंटर लागू नाम हटाने के साथ ही अगले आदेश तक बंद रहेंगे शहर के उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर कंपनी का रखें जिन्हें मार्च के बिजली बिल भुगतान के लिए अप्रैल महीने में एस एम एस के जरिए राशि का भुगतान करने की जानकारी दी जाएगी ।

इसके साथ ही उपभोक्ताओं को ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा लाग डाउन से पहले कर ली रीडिंग शहर में मीटर वाचक को ने लाख डाउन से पहले शहर के मीटरों की रीडिंग ले ली थी इसके बाद बिजली बिल तैयार किए जा रहे थे लेकिन लाख डाउन के चलते बिजली के बिल को बांटने में परेशानी हो सकती है ऐसे में कंपनी ने उपभोक्ताओं को सुविधा देते हुए s.m.s. के माध्यम से बिजली बिल की जानकारी देने का निर्णय लिया है उपभोक्ताओं को अप्रैल में s.m.s. भेजे जाएंगे इस संबंध में बिजली कंपनी के जेई धनराज सिंह ने बताया कि कंपनी कार्यालय में ऑनलाइन बिजली बिल जमा होने वाले काउंटर बंद कर दिए गए हैं

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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