सीहोर के प्राचीन गणेश मंदिर के पट खुले,बिना मास्क मंदिर में प्रवेश नहीं

सीहोर के प्राचीन गणेश मंदिर के पट खुले,बिना मास्क मंदिर में प्रवेश नहीं

सीहोर/अनुराग शर्मा

सीहोर लॉक डाउन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बंद हुए प्राचीन गणेश मंदिर के पट सोमवार से खुल गए हैं। सरकार के निर्देश के बाद प्राचीन गणेश मंदिर में श्रदालु दर्शन कर सकेंगे। मंदिर को पूरी तरह से सेनेटाइज किया गया है। सोशल डिस्टेंट के लिए गोल घेरे बनाए गए हैं। बिना मास्क के आए श्रद्धालुओं को प्रवेश नही दिया जाएग। मंदिर में आने से पहले गेट पर ही सेनेटाइजर से हाथ साफ कराए जाएंगे। पूरी तरह से सोशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है।

मंदिर प्रबंधक की तरफ से गेट पर ही एक व्यक्ति को तैनात किया गया है जो श्रद्धालुओं को सेनेटाइजर से हाथ सेनाटाइज कराएगा। साथ ही प्रसादी और लेनदेन बंद है। गणेश मंदिर प्रबंधक ने बताया कि केंद्र की गाइड लाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। मंदिर में सोशल डिस्टेंस के लिए गोल घेरे बनाए गए हैं और बिना मास्क के मंदिर में प्रवेश की अनुमति नही दी जाएगी। मंदिर में प्रवेश से पहले हाथ सेनेटाइज करने होंगे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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