
शाजापुर। कोरोना वायरस को रोकने के लिये 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान पीएम मोदी ने डाक्टर, सफाईकर्मी तथा अन्य आवश्यक सेवा देने वालों का आभार प्रदर्शन करने की अपील की थी। शाजापुर में इस दौरान एक अलग ही दृश्य देखने को मिला।
शाजापुर जिले के शुजालपुर में 80 साल के गौरीशंकर नेमा का रविवार को निधन हो गया, शाम 5:00 बजे शव यात्रा शुरू होते ही परिजनों व शहर के लोगों ने बीच सड़क पर शव को रखकर उसके आसपास खड़े होकर करीब दस मिनिट तक ताली बजाई। इसके बाद शव यात्रा फिर शुरू हुई। खास बात ये कि सभी लोग कोरोना वायरस से बचाव के निर्देशों का पालन करते हुए 1 मीटर की दूरी बनाकर बनाकर शव यात्रा में शामिल हुए थे और अधिकांश लोगों ने मास्क भी पहन रखे थे।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

