पुलिस पर थाने में बुलाकर मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल

पुलिस पर थाने में बुलाकर मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल

शिवपुरी, शिवम् पांडे| बड़ी खबर शिवपुरी जिले (Shivpuri) के पिछोर अनुविभाग से है, जहाँ मनपुरा गांव से लापता युवती को बरामद कर भौंती थाना पुलिस (Police) ने उसके परिजनों को पिछोर थाने में बीते दिवस बुलवाया था। यहां पुलिस और परिजनों के बीच झड़प किसी बात को लेकर हो गई। इस दौरान महिलाओं ने अपने बचाव के लिए चप्पल उतार ली, जिसे पुलिस जवान महिलाओं के हाथों से छीनते नजर आए। इसका वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है। वहीं बुधवार को पीड़ितों ने टीआई के खिलाफ शिवपुरी एसपी को शिकायती आवेदन दिया है।

महिला पिस्ता खंगार का आरोप है कि हमारी लड़की का गांव के संतोष मिश्रा ने अपहरण किया है। लड़की से बातचीत करने के लिए टीआई ने भौंती की जगह पिछोर थाने बुला लिया और फिर मिलने नहीं दिया।यहां गाली-गलौच के बाद मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान काफी देर तक दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़े रहे|

महिलाओ का आरोप है हमे मंगलवार को बयान दर्ज कराने पिछोर बुलाया, लेकिन वहां सक्षम अधिकारी नहीं था। हम महिलाओं की मारपीट की। वीडियो बनाने वाले चार युवकों के मोबाइल तक पुलिस ने छीन लिए लेकिन इस दौरान थाना परिसर में हुई मारपीट की घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिये इस सम्पूर्ण घटनाक्रम पर एसपी राजेश सिंह चंदेल ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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