Lokayukta Action: पुलिस थाने में रिश्वत ले रहा प्रधान आरक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta Action: पुलिस थाने में रिश्वत ले रहा प्रधान आरक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta Action : ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने आज एक बार फिर रिश्वत लेते एक शासकीय कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, आरोपी पुलिस का प्रधान आरक्षक है और वो अपने थाने में ही 5000/- रुपये की रिश्वत ले रहा था। लोकायुक्त ने आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर से मिली जानकारी के मुताबिक आर के पुरम हाऊसिंग बोर्ड शिवपुरी में रहने वाले रामनारायण कुशवाह ने एक शिकायती आवेदन पिछले दिनों लोकायुक्त एसपी कार्यालय ग्वालियर को दिया था जिसमें रिश्वत मांगे जाने की शिकायत थी।

आवेदक रामनारायण ने बताया उनके एक प्रकरण का चालान कोर्ट में पेश करने के बदले थाना बदरवास में पदस्थ प्रधान आरक्षक कदम सिंह उनसे 5000/- रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने इसकी तस्दीक की।

लोकायुक्त ने अपनी जाँच में रामनारायण कुशवाह की शिकायत को सही पाया फिर रिश्वत मांगे जाने का पुख्ता प्रमाण हाथ आने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने प्रधान आरक्षक को ट्रेप करने की प्लानिंग की। आज 3 मई को प्रधान आरक्षक कदम सिंह ने आवेदक रामनारायण को 5000/- रुपये लेकर पुलिस थाने बदरवास आने के लिए कहा।

आवेदक और आरोपी के बीच जो समय तय हुआ उसपर दोनों  पुलिस थाने पहुँच गए, चूँकि ये प्लानिंग लोकायुक्त की थी इसलिए ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम भी छिपकर पुलिस थाना बदरवास पहुँच गई। थाने पहुँचते ही जैसे ही आवेदक रामनारायण ने रिश्वत की राशि 5000/- रुपये प्रधान आरक्षक कदम सिंह को दी, लोकायुक्त पुलिस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों ने 57 वर्षीय प्रधान आरक्षक के हाथ धुलवाए तो नोटों पर लगे पावडर के कारण पानी गुलाबी हो गया  जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी प्रधान आरक्षक कदम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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