Shivpuri News: शराब दुकान में आगजनी के बाद पुलिस-आबकारी टीम पर हमला, सरपंच और 2 महिलाओं समेत 15 गिरफ्तार

अमोलपठा में 10 सितंबर को लाइसेंसी शराब दुकान पर हुआ था बवाल; तोड़फोड़, मारपीट और आगजनी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस-आबकारी टीम पर भी हमले का आरोप, 25 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों को बनाया आरोपी
Shivpuri Amol Patha liquor shop Attack

Shivpuri Amol Patha liquor shop Attack

शिवपुरी के अमोलपठा में शराब दुकान पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में सरपंच और दो महिलाओं समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 25 लोगों को नामजद किया है, जबकि 50 से 60 अन्य अज्ञात महिला-पुरुषों को भी आरोपी बनाया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

मामला 10 सितंबर का है। अमोला थाना क्षेत्र के अमोलपठा गांव में लाइसेंसी कम्पोजिट शराब दुकान के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हुए थे। आरोप है कि विरोध के दौरान मामला बिगड़ा और दुकान में तोड़फोड़, मारपीट के बाद आग लगा दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस और आबकारी की टीम पहुंची तो उस पर भी हमला किया गया।

25 नामजद, भीड़ में शामिल बाकी लोगों की पहचान जारी

अमोला थाने में दर्ज FIR में छोटेराजा गुर्जर, दुष्यंत परमार, कमल सिंह गुर्जर, दीवान सिंह बघेल, मख्खन नामदेव, राहुल जाटव, शंकर जाटव, अजय जाटव, राहुल खटीक, अज्जू उर्फ अजय बाल्मीक, राहुल बाल्मीक, मुस्कान बाल्मीक, रीना बाल्मीक, राजेश खटीक, धर्मेन्द्र खटीक, ललिता आदिवासी, वकील आदिवासी, दीपक वंशकार, भूरा नामदेव, मलखान जाटव, संजय वंशकार, दीपक मेहतर, कालिया मेहतर, जशरथ जाटव और अंशुल जाटव के नाम हैं।

अब पुलिस की कार्रवाई उन आरोपियों पर केंद्रित है जो गिरफ्त से बाहर हैं। इसके साथ ही घटना के दौरान मौजूद भीड़ में शामिल दूसरे लोगों की पहचान भी की जा रही है।

अवैध शराब के खिलाफ भी चलता रहेगा अभियान

इस घटना के बीच प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाई बंद नहीं होगी। राजस्व, पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीमें अवैध शराब के भंडारण, परिवहन और बिक्री पर कार्रवाई जारी रखेंगी। साथ ही लोगों से कहा गया है कि शिकायत होने पर प्रशासन को जानकारी दें, लेकिन कानून हाथ में न लें।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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