बेटी को सरकारी स्कूल में किताबें नहीं मिलीं तो पेट्रोल लेकर टंकी पर चढ़ा व्यक्ति, व्यवस्था पर उठाए सवाल

शिवपुरी में एक पिता अपनी बेटी को स्कूल में किताबें मिलने की वजह से पानी की टंकी पर चढ़ गया। उसने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं और जागरूकता यात्रा निकालने की परमिशन मांगी है।
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शिवपुरी जिले के पिछोर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक व्यक्ति 22 दिन की जागरूकता यात्रा की अनुमति नहीं मिलने से नाराज हो गया और एसडीएम कार्यालय के सामने से पानी की टंकी पर चढ़ गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे समझने की बहुत कोशिश की लेकिन यह उतरने को तैयार नहीं है वह कूदने की धमकी दे रहा है।

जानकारी के मुताबिक इस व्यक्ति की बेटी मनपुरा के सरकारी स्कूल में पढ़ती है। उसका कहना है कि शैक्षणिक सत्र में उसकी बेटी को स्कूल से पूरी किताबें नहीं मिली है। अगर उसकी बेटी का यह हाल है तो अन्य बच्चों के साथ भी यह हो रहा होगा। उसने स्कूल की शिक्षण व्यवस्था और मध्यम भोजन की क्वालिटी पर भी सवाल उठाया है।

निकालना चाहता है जागरूकता यात्रा

दिनेश का कहना है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली उसकी बेटी को जब इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो अन्य बच्चों के सामने भी ऐसी स्थिति खड़ी हो रही होगी। यही वजह है कि वह गांव-गांव जाकर शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार पर जागरूकता यात्रा निकालना चाहता है।

19 अगस्त को उसने पिछोर एसडीएम को आवेदन देकर 20 अगस्त से यात्रा शुरू करने की अनुमति मांगी थी। ये भी बताया था कि इस दौरान कोई असंवैधानिक काम नहीं किया जाएगा लेकिन यह चेतावनी भी थी कि यदि 20 अगस्त को सुबह तक उसे अनुमति नहीं मिलती है तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

टंकी पर पेट्रोल की बोतल लेकर चढ़ा

जब दिनेश को यात्रा अनुमति नहीं मिली तो गुरुवार दोपहर 3 बजे वह पानी की टंकी पर चढ़ गया। शुक्रवार सुबह तक वह वही डटा रहा। वह अपने साथ पेट्रोल से भरी बोतल लेकर चढ़ा है और टंकी से कूदने के धमकी दे रहा है। युवक का कहना है कि गरीब व्यक्ति के साथ चाहे वह किसी भी श्रेणी का हो हमेशा अन्याय होता है। जिनके बच्चे मिडिल, प्राइमरी, हाई सेकेंडरी सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। वहां की व्यवस्थाएं ठीक नहीं है। इसके लिए जागरूकता यात्रा निकालना चाहते हैं। जिसके लिए परमिशन मांगी थी लेकिन, उन्हें दो-तीन दिन तक घुमाया गया।

प्रशासन का क्या कहना

इस मामले में पुलिस और प्रशासन का कहना है कि युवक ने यात्रा के दौरान अस्पतालों, स्कूलों, छात्रावास और स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा कर वहां की व्यवस्था को देखने की बात कही है। इस तरह सरकारी संस्थान में सीधी प्रवेश का निरीक्षण करने की अनुमति नियमों के तहत उचित नहीं है इसलिए उसे परमिशन नहीं दी गई है। वहीं पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार का कहना है कि युवक को समझाइश दी जा रही है लेकिन वह लगातार अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। उसके पास पेट्रोल की बोतल है इसलिए पुलिस सतर्कता बरत रही है।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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