SDOP पर लगा पत्रकार प्रताड़ना का आरोप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने की जांच की मांग

SDOP पर लगा पत्रकार प्रताड़ना का आरोप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने की जांच की मांग

सीधी, पंकज सिंह

मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने भाजपा सरकार में पुलिस प्रशासन के दुरुपयोग किए जाने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर की है। अजय सिंह ने कहा है कि भाजपा कि शिवराज सरकार के जमाने में चाहे वह विपक्षी दल के नेता कार्यकर्ताओं या सच्चाई की राह पर आगे बढ़ रहे पत्रकार हो सभी के खिलाफ पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने एक बयान में सीधी जिले के चुरहट क्षेत्र में पुलिस द्वारा मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के संभागीय अध्यक्ष अखिलेश पांडेय के ऊपर फर्जी तरीके से एक प्रकरण में नाम जोड़ने कि साजिश कर प्रताड़ित किए जाने का जो मामला सामने आया है उसकी कड़े शब्दों में भर्त्सना की है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने अपने बयान में आगे कहा है कि इस घटना से सभी पत्रकार बंधु आक्रोशित हैं और यदि पुलिस इस प्रकार मुकदमों में फर्जी तरह नाम शामिल करने का काम करेगी तो निश्चित रूप से पत्रकारों में डर की भावना पनपेगी और मीडिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करने में बाधा उत्पन्न होगी। मैं इस तरह फर्जी प्रकरण बनाने की साजिश की जांच की मांग करता हूं तथा मीडिया के बंधुओं को आश्वस्त करता हूं कि संघर्ष की हर घड़ी में कांग्रेस पार्टी उनके साथ है। उन्होंने विवादों में घिरे इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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