सीधी कोर्ट परिसर में बड़ा हादसा: बारिश से बचने गए लोगों पर गिरी दीवार, 2 की मौत, 2 घायल

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रामपुर नैकिन सिविल न्यायालय परिसर में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश से बचने के लिए भवन के पास खड़े लोगों पर अचानक पार्टिशन दीवार गिर गई।
सीधी कोर्ट परिसर में बड़ा हादसा: बारिश से बचने गए लोगों पर गिरी दीवार, 2 की मौत, 2 घायल

सीधी जिले के रामपुर नैकिन स्थित सिविल न्यायालय परिसर में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर कुछ लोग न्यायालय भवन के पास बने हिस्से में खड़े हो गए। इसी दौरान भवन की पार्टिशन दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और उसकी चपेट में चार लोग आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल रामपुर नैकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद एक गंभीर घायल को बेहतर इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

सीधी कोर्ट हादसे के बाद प्रशासन ने शुरू की जांच

हादसे की जानकारी मिलते ही सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों और घायलों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

सीधी कोर्ट परिसर में बड़ा हादसा: बारिश से बचने गए लोगों पर गिरी दीवार, 2 की मौत, 2 घायल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण भवन की पार्टिशन दीवार कमजोर हो गई थी। हालांकि प्रशासन का कहना है कि हादसे की असली वजह तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि भवन का नियमित निरीक्षण किया गया था या नहीं और कहीं निर्माण या रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई। यदि जांच में किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बारिश के मौसम में पुराने भवनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

सीधी कोर्ट परिसर में हुआ यह हादसा एक बार फिर सरकारी भवनों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े कर रहा है। मानसून के दौरान लगातार बारिश से पुराने भवनों, दीवारों और कमजोर संरचनाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और मरम्मत बेहद जरूरी मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन इमारतों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं, वहां सुरक्षा मानकों का पालन और नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट होना चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाती तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था। फिलहाल प्रशासन ने पूरे परिसर का निरीक्षण कराने और अन्य कमजोर हिस्सों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

फिलहाल पुलिस ने घटना से जुड़े सभी तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। तकनीकी रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और भवन की स्थिति की जांच के बाद हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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