भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर भड़कीं सांसद, कहा-‘आरोप लगाने से पहले प्रूफ लाओ’

भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर भड़कीं सांसद, कहा-‘आरोप लगाने से पहले प्रूफ लाओ’

सिंगरौली|राघवेन्द्र सिंह गहरवार| बात कर रहे हैं सीधी सिंगरौली सांसद (Singrauli MP) रीति पाठक (Riti Pathak) की, जिन्होंने गुरूवार को सिंगरौली जिले में केंद्र सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रेसवार्ता आयोजित की| जिसमे पत्रकारगण उपस्थित हुए उसी दरमियान एक पत्रकार अतुल दुबे ने जिला अस्पताल के भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछ दिया तो सांसद पत्रकार पर आग बबूला होकर भड़क उठी| उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था और सांसद ने उल्टे पत्रकारो पर ही दोष लगा दिया कि जन प्रतिनिधियों पर आरोप लगाना पत्रकारो का काम है अगर आपके पास सबूत हो तो बताये, क्योकि आप मेरे ऊपर आरोप लगाए है जबकि पत्रकार ने सिर्फ सवाल पूछा गया था ना कि आरोप लगाया गया था|

पत्रकार के साथ इस लहजे में बात कर भड़कने के बाद सोशल मीडिया पर सीधी सिंगरौली सांसद ट्रोल होने लगी| वही सैकड़ो लोग पत्रकार के समर्थन में उतर आए है| कई लोगो ने तो पत्रकार अतुल दुबे का फोटो भी उनके समर्थन में अपने फेसबुक प्रोफ़ाइल और व्हाट्सएप प्रोफ़ाइल पर लगा डाला है|

पत्रकारों पर हमले हुए आम
जिले में आये दिन खबर लिखने और दिखाने पर या तो पत्रकार को धमकी मिल रही है या गाली, कहा जा सकता है कि सिंगरौली जिले में चौथे स्तंभ पर हमला होना भी आम बात हो गई है| कुछ दिन पहले ही एक पत्रकार पर कुछ लोगो द्वारा हमला भी किया गया था|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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