सिंगरौली जिले में पदस्थ पुलिस विभाग के एक कर्मचारी द्वारा मानसिक तनाव के चलते आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है। स्पेशल ब्रांच में चालक प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ राकेश गांगले ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना स्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने ट्रांसफर आवेदन पर सुनवाई नहीं होने से परेशान होने का उल्लेख किया है।
जानकारी के अनुसार घटना 9-10 अगस्त की दरम्यानी रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। सोमवार को नायब तहसीलदार की मौजूदगी में आगे की कार्रवाई की गई।
गृह जिले के पास ट्रांसफर की कर रहे थे मांग
सुसाइड नोट के अनुसार राकेश गांगले मूल रूप से खरगोन जिले के निवासी थे। उनका परिवार तैनाती स्थल से करीब एक हजार किलोमीटर दूर था। नोट में उन्होंने पिता की खराब तबीयत और बेटियों के विवाह की जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए गृह जिले या आसपास स्थानांतरण की मांग की थी।
सुसाइड नोट में वरिस्थ अधिकारियों पर आरोप
उन्होंने भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों को ट्रांसफर के लिए कई बार आवेदन देने की बात भी लिखी है। सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे।
स्थानीय स्टाफ को बताया निर्दोष
राकेश गांगले ने अपने सुसाइड नोट में सिंगरौली के पुलिस स्टाफ की तारीफ की है और उसे बेकसूर बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और मीडिया से पुलिसकर्मियों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील भी की है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
इस मामले में सीएसपी विंध्यनगर ललित बैरागी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मृतक स्पेशल ब्रांच में चालक प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे और खरगोन के निवासी थे। उनके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें ट्रांसफर संबंधी कारण का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। शव को मोर्चुरी में रखवाया गया है। परिवार के खरगोन से पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







