मध्य प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस कड़ी में सिंगरौली के चितरंगी में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह की मौजूदगी में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था। यह यात्रा अब अव्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है।
दरअसल, 5 किलोमीटर लंबी इस तिरंगा यात्रा में शामिल हुई छात्राओं की तबीयत अचानक तेज धूप और उमस के बीच बिगड़ने लगी। देखते देखते लगभग दो दर्जन छात्राएं बीमार हो गई। कुछ चक्कर खाकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। छात्राओं की इस तरह से तबीयत बिगड़ती देख कार्यक्रम स्थल पर अफरा तफरी का माहौल देखा गया।
छात्राओं को पहुंचाया गया अस्पताल
तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे शामिल हुए थे। धूप में खड़े रहने और पैदल चलने की वजह से कई छात्राओं को कमजोरी, घबराहट और चक्कर की शिकायत हुई। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तुरंत चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने छात्राओं का उपचार शुरू किया और उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया। उपचार के बाद अधिकांश छात्राओं की स्थिति ठीक है।
पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल
यात्रा के दौरान बीमार हुईं छात्राओं के परिजनों का कहना है कि उनके लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। भीषण गर्मी और उमस के बीच उन्हें लंबे समय तक पानी का इंतजार करना पड़ा। अगर मौके पर पर्याप्त पानी और चिकित्सकीय इंतजाम होते तो कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से बच सकती थी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए सवाल
यह मामला सामने आने के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण चौहान ने इस घटना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारी जिम्मेदारी हैं, राजनीति का हिस्सा नहीं हैं। बच्चों के अंदर देश प्रेम की भावना जागृत करना चाहिए ना कि उन्हें परेशान किया जाना चाहिए। चौहान ने कहा कि तिरंगा यात्रा में राज्य मंत्री राधा सिंह को शामिल होना था लेकिन उनके पहुंचने में देरी हुई और इसी बीच उमस और धूप में इंतजार कर रहे बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में शासन प्रशासन और नेता बच्चों को राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा बना रहे हैं। वह यह कहते दिखाई दिए कि बच्चों की सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और छाया की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस मामले में अब तक संबंधित पक्ष की ओर से कुछ भी नहीं कहा गया है।






