थाना प्रभारी बिना मास्क पहने अंतिम संस्कार में पहुंचे,भीड़ में बिना मास्क के घूमते रहे

थाना प्रभारी बिना मास्क पहने अंतिम संस्कार में पहुंचे,भीड़ में बिना मास्क के घूमते रहे

सिंगरौली/राघवेंद्र सिंह गहरवार

कोरोना वायरस संक्रमण से पूरा देश लड़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हिदायत दी है कि मास्क और सोशल डिस्टेन्स का पुलिस सख्ती से पालन करवाए लेकिन मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में पुलिस ही शासन के आदेश की धाज्जिया उड़ा रही है। सिंगरौली जिले के मोरवा थाने में पदस्थ थाना प्रभारी नागेंद्र प्रताप सिंह बेख़ौफ़ होकर बिना मास्क के घूम रहे हैं। हद तो तब हो गई जब थानेदार नागेंद्र प्रताप सिंह बिना मास्क पहने एक अंतिम संस्कार में शामिल होने चले गए और भीड़ के बीच बिना मास्क के ही रहे।

बता दे कि दर्शल पन्ना जिले में पदस्थ एसआई शाहिद खान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी जिनका मंगलवार को उनके गृह ग्राम मोरवा में अंतिम संस्कार था।अंतिम संस्कार में पुलिस के आला अधिकारियों सहित स्थानीय लोग भी शामिल हुए। एसआई के अंतिम संस्कार में लोग मास्क के साथ साथ सोशल डिस्टेन्स का पालन भी कर रहे थे पर इन सबसे हटकर थाना प्रभारी नागेंद्र प्रताप सिंह बिना मास्क के ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

शासन के आदेशानुसार श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सभी लोग मास्क लगाए हुए तथा सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करते हुए दिखे वही covid-19 जैसी महामारी की भयावह स्थिति को देखते हुए भी मोरवा निरीक्षक बिल्कुल सजग नही दिखे। पूरी श्रद्धांजलि सभा में काफी लोग उपस्थित थे परंतु मोरवा नगर निरीक्षक नागेंद्र प्रताप सिंह बिना मास्क के ही घूमते नज़र आये। एक और पुलिस प्रशासन सभी को covid-19 जैसी महामारी से जागरूक करने में लगा हुआ है वही पुलिस के TI रैंक के अधिकारी कानून को धता बताकर खुलेआम इसका उल्लंधन कर रहे हैं ऐसे में आम जनता से मास्क पहनने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

शायद टीआई साहब को नही लगता है कोरोना से डर
कोरोना संक्रमण के बीच जिस तरह से बेखोफ होकर थाना प्रभारी नागेंद्र प्रताप सिंह बिना मास्क के घूम रहे थे ऐसे में लगता है कि शायद उन्हें कोविड-19 से डर नही। बहरहाल हम टीआई से निवेदन करते है कि दरोगा जी आप अपना नही तो कम से कम दूसरों का ख्याल रखें और शासन के नियमो का पालन करे क्योंकि ये जिम्मेदारी आपकी है कि दूसरों को शासन के निर्देश का पालन करवाना है। बहरहाल अब देखना ये होगा की पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी टीआई साहब की इस लापरवाही को कैसे लेते हैं।

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