इंग्लैंड के क्रिकेटर अपने ही देश की लीग को कर सकते हैं बॉयकॉट! जानिए बोर्ड और खिलाडी क्यों हुए आमने-सामने?

इंग्लैंड क्रिकेट को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल ऐसा दावा किया जा रहा है कि इंग्लैंड के कई खिलाड़ी अपने ही देश की एक लीग का विरोध कर सकते हैं। इसके बाद इसे लेकर चर्चा छिड़ गई है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि अपने ही देश की लीग का विरोध इंग्लैंड के क्रिकेटरों द्वारा किया जा रहा है? चलिए इस खबर में जानते हैं।
इंग्लैंड के क्रिकेटर अपने ही देश की लीग को कर सकते हैं बॉयकॉट! जानिए बोर्ड और खिलाडी क्यों हुए आमने-सामने?

इंग्लैंड के क्रिकेटर एक बड़ा कदम उठा सकते हैं। दरअसल रिपोर्ट्स की माने तो खिलाड़ी अपने ही देश की एक लीग का विरोध कर सकते हैं। यह विरोध इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की नो ऑब्जेक्शन पॉलिसी में बदलाव के चलते किया जा सकता है। दरअसल बोर्ड ने निर्णय लिया है कि किसी भी खिलाड़ियों को किसी लीग में हिस्सा लेने के लिए बोर्ड से पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा।

जानकारी के मुताबिक अब इंग्लैंड बोर्ड द्वारा एनओसी जारी करने की नीति में बदलाव किया जा रहा है। जिसके चलते अब खिलाड़ी परेशानी में पढ़ सकते हैं। इसे देखते हुए इंग्लैंड के कई क्रिकेटर्स इसका विरोध कर सकते हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला?

‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट की माने तो कुछ लीग के खिलाड़ियों को इंग्लैंड बोर्ड द्वारा पिछले हफ्ते एनओसी जारी करने का फैसला किया गया था। लेकिन इन लीग की तारीख और इंग्लैंड क्रिकेट डोमेस्टिक क्रिकेट लीग की तारीख आपस में टकराती हुई दिख रही है। जिसके चलते इंग्लैंड बोर्ड द्वारा फैसला किया गया है कि उन खिलाड़ियों को एनओसी जारी नहीं की जाएगी। जिन लीग की तारीख इंग्लैंड के डोमेस्टिक क्रिकेट लीग से टकरा रही है। हालांकि यह एनओसी इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के सीजन में दुविधा नहीं बन रही है।

क्रिकेटर द्वारा इसे बॉयकॉट किया जाएगा

दरअसल पाकिस्तान क्रिकेट लीग (पीएसएल) और मेजर क्रिकेट लीग, लंका प्रीमियर लीग और कैरेबियाई प्रीमियर लीग जैसी T20 लीग इंग्लैंड डोमेस्टिक क्रिकेट के सीजन के साथ टकरा रही है। जिसके कारण इंग्लैंड बोर्ड द्वारा यह फैसला लिया जा सकता है। वहीं रिपोर्ट की माने तो इंग्लैंड के करीब 50 क्रिकेटर एक ग्रुप द हंड्रेड का विरोध करने का विचार कर सकते हैं। ऐसे में यदि क्रिकेटर्स द्वारा इसे बॉयकॉट किया जाता है तो, यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे बोर्ड क्या निर्णय लेता है। बता दें कि इस समय इंग्लैंड के और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट सीरीज खेली जारही है।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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