टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दरअसल 55 दिन बाद भारत से T20I की बादशाहत छिन गई है। बता दें कि इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में फिर से नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। मैनचेस्टर में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में श्रीलंका को हराकर इंग्लैंड ने पहला स्थान हासिल किया है। इंग्लैंड ने सिर्फ 9.4 ओवर में 126 रन बनाकर 124 रन का लक्ष्य हासिल किया और 62 गेंद बाकी रहते मुकाबला जीत लिया। यह 120 से ज्यादा रन के लक्ष्य का टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज सफल चेज माना जा रहा है। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 55 दिन बाद फिर टी20 की नंबर-1 रैंकिंग अपने नाम कर ली।
भारत ने 26 जुलाई को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में बढ़त बनाकर नंबर-1 स्थान हासिल किया था, लेकिन अब श्रीलंका के खिलाफ क्लीन स्वीप के दम पर इंग्लैंड दोबारा शीर्ष पर पहुंच गया। इस मुकाबले में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में इंग्लैंड का दबदबा साफ नजर आया।
इंग्लैंड की धमाकेदार जीत ने बदली T20I रैंकिंग
दरअसल मैनचेस्टर में खेले गए मुकाबले में श्रीलंका पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवर में 124 रन पर सिमट गई। जवाब में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और मैच को एकतरफा बना दिया। जोस बटलर ने सिर्फ 32 गेंदों में नाबाद 62 रन बनाए, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल रहे। उनके साथ हैरी ब्रुक ने 33 रन की तेज पारी खेली और दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 38 गेंदों में 85 रन जोड़ दिए। पावरप्ले खत्म होने तक इंग्लैंड का स्कोर 82 रन पहुंच चुका था, जिससे श्रीलंका की वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई। बटलर ने विजयी छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई और अपनी 32वीं टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी पूरी की। इसके साथ उन्होंने पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान के 31 अर्धशतकों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस सूची में बाबर आजम 42 और विराट कोहली 39 बार 50+ रन बनाकर आगे हैं। इंग्लैंड ने जुलाई में भारत से नंबर-1 रैंकिंग गंवाई थी लेकिन लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए अब दोबारा शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यह जीत सिर्फ सीरीज जीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि आईसीसी रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव लेकर आई।
श्रीलंका की बल्लेबाजी बिखरी
श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और शुरुआती झटकों के बाद टीम कभी संभल नहीं सकी। पाथुम निसंका ने 36 और कमिंदु मेंडिस ने 35 रन बनाकर कुछ देर संघर्ष किया लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। सबसे बड़ा झटका आखिरी ओवरों में लगा, जब श्रीलंका ने अंतिम छह विकेट सिर्फ 17 रन के भीतर गंवा दिए। इंग्लैंड की ओर से सॉनी बेकर ने सबसे असरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 3.5 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर दो विकेट लिए और पूरे सीरीज में छह विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का सम्मान हासिल किया। जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स ने भी दो-दो विकेट झटके, जबकि जेमी ओवरटन को एक सफलता मिली।






