‘राधे राधे, गुरुदेव की कृपा से….रघु शर्मा का पहला IPL विकेट क्यों था इतना खास? जानिए जेब में छिपी पर्ची पर क्या लिखा था

मुंबई इंडियंस के रघु शर्मा ने जब अपना पहला IPL विकेट लिया, तो सिर्फ गेंदबाज़ी ही नहीं, बल्कि एक भावुक संदेश भी दिया। उनकी जेब में छिपी पर्ची पर 'जय श्री राम' के साथ 15 साल के संघर्ष की दास्तान थी।
'राधे राधे, गुरुदेव की कृपा से....रघु शर्मा का पहला IPL विकेट क्यों था इतना खास? जानिए जेब में छिपी पर्ची पर क्या लिखा था

IPL 2026 में जब मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने थे, तब एक पल ऐसा आया जिसने सिर्फ मैच का रुख ही नहीं, बल्कि एक खिलाड़ी के जीवन का भी मोड़ दिया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, यह 15 साल के अथक संघर्ष, अनगिनत रातों की नींद और अडिग विश्वास की विजय गाथा थी, जो मुंबई इंडियंस के ‘ब्लू एंड गोल्ड’ रंग में सजी थी।

दरअसल आईपीएल 2026 के 47वें मुकाबले में, जहां 229 रनों का विशाल लक्ष्य पीछा किया जा रहा था, मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन की 143 रनों की तूफानी साझेदारी ने जीत की नींव रखी, लेकिन कहानी का असली नायक कोई और था। वह थे रघु शर्मा, जो अपना दूसरा आईपीएल मैच खेल रहे थे, और जिनके लिए यह सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपने सपनों का मंच था। रोहित शर्मा भले ही रघु की जगह इम्पैक्ट प्लेयर बनकर बल्लेबाजी करने उतरे थे, पर नियति ने रघु के लिए कुछ और ही रच रखा था। अक्षत रघुवंशी के रूप में उन्होंने अपना पहला आईपीएल विकेट लिया, और उस पल की भव्यता ऐसी थी कि हर आंख नम हो गई।

जानिए पर्ची पर क्या लिखा था?

13वें ओवर की पहली गेंद थी, और रघु शर्मा ने अपनी ही गेंद पर अक्षर रघुवंशी को कैच आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। यह सिर्फ एक आउट नहीं था, यह उस खिलाड़ी के लिए विजय का शंखनाद था, जिसने अपने करियर का पहला आईपीएल विकेट अपने नाम किया था। रघु ने जो जश्न मनाया, वह हमेशा के लिए यादगार बन गया। उन्होंने अपनी जेब से एक पर्ची निकाली, जिस पर लिखे शब्द सिर्फ स्याही नहीं थे, बल्कि भावनाओं का सैलाब था। उस पर्ची पर लिखा था, “राधे राधे, गुरुदेव की कृपा से 15 सालों का एक मुश्किल समय खत्म हुआ। ये मौका देने के लिए मुंबई इंडियंस (ब्लू एंड गोल्ड) का बहुत धन्यवाद। मैं सदैव आपका आभारी रहूंगा। जय श्री राम।” यह संदेश सिर्फ मैदान पर नहीं गूंजा, बल्कि हर क्रिकेट प्रेमी के हृदय में उतर गया, जिसने रघु के संघर्ष को महसूस किया।

कौन है रघु शर्मा?

पंजाब की धरती से निकला यह खिलाड़ी, 11 मार्च, 1993 को जालंधर में जन्मा, अपनी गेंदबाजी से घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुका था। 33 साल के इस अनुभवी गेंदबाज को मुंबई इंडियंस ने 2025 सीजन के लिए 30 लाख रुपये में खरीदा था, पर पिछले साल उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला था। धैर्य और लगन की यह पराकाष्ठा थी, जब 2 मई को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने अपना आईपीएल डेब्यू किया, पर उस दिन विकेट का खाता नहीं खुला था और टीम भी हार गई थी। पर हार ने उनके हौसले को डिगने नहीं दिया। उनके दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास का ही नतीजा था कि आज यह पल आया, जब उनके नाम के साथ ‘पहला आईपीएल विकेट’ जुड़ गया।

फर्स्ट क्लास करियर पर डालें नजर

रघु शर्मा के आंकड़े भी उनके अथक परिश्रम की कहानी बयां करते हैं। फर्स्ट क्लास करियर की 20 पारियों में उन्होंने 57 विकेट चटकाए हैं, जिसमें 5 बार फाइव विकेट हॉल का कारनामा भी शामिल है। लिस्ट ए के 12 मैचों में 18 विकेट और टी20 के 6 मैचों में 5 विकेट, ये सब बताते हैं कि यह कोई तुक्का नहीं, बल्कि एक सधा हुआ खिलाड़ी है, जिसे बस मौके का इंतजार था। आज जब यह मौका मिला, तो उन्होंने उसे सिर्फ भुनाया ही नहीं, बल्कि उसे अपनी भावनाओं और संघर्ष की कहानी से अमर कर दिया। यह पल मुंबई इंडियंस के लिए जीत का जश्न था, पर रघु शर्मा के लिए यह पुनर्जन्म से कम नहीं था, एक ऐसा पुनर्जन्म जो ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ हुआ।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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