जितेश शर्मा ने लगाया आखिरी गेंद पर छक्का, 209 की स्ट्राइक रेट से मचाया इस लीग में धमाल, टीम को भी दिलाया फाइनल का टिकट

IPL 2025 में RCB को पहली ट्रॉफी जिताने वाले जितेश शर्मा अब विदर्भ प्रो टी20 लीग में भी अपने बल्ले से तूफान मचा रहे हैं। भारत रेंजर्स के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने आखिरी गेंद पर सिक्स जड़कर नेको मास्टर ब्लास्टर को फाइनल में पहुंचा दिया। 22 गेंद में 46 रन की नाबाद कप्तानी पारी में उन्होंने एक चौका और छह छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट रहा 209.09।
Jitesh Sharma

जितेश शर्मा इन दिनों अपने करियर के टॉप फॉर्म में हैं। IPL 2025 में जहां उन्होंने RCB को पहली बार चैंपियन बनवाया, वहीं अब वो विदर्भ प्रो टी20 लीग में नेको मास्टर ब्लास्टर के कप्तान के तौर पर फाइनल में पहुंच चुके हैं। भारत रेंजर्स के खिलाफ मुकाबले में 205 रन का टारगेट था, जो आखिरी ओवर तक पहुंचा। अंतिम गेंद पर जितेश ने सिक्स जड़कर मैच खत्म कर दिया और टीम को छह विकेट से जीत दिलाई। इस जीत में जितेश की 22 गेंदों पर 46 रन की पारी निर्णायक रही।

जितेश शर्मा की गिनती अब भारत के बेस्ट फिनिशरों में होने लगी है। IPL 2025 में उन्होंने जिस तरह आखिरी ओवरों में मैच पलटे, उसी अंदाज में उन्होंने विदर्भ प्रो टी20 लीग में भी कमाल कर दिया। भारत रेंजर्स ने पहले बैटिंग करते हुए 204 रन बनाए थे। जवाब में नेको मास्टर ब्लास्टर की शुरुआत शानदार रही, लेकिन मैच आखिर में फंस गया।

कप्तान अथर्व ताइडे खुद बॉलिंग पर आए

19वें ओवर की आखिरी गेंद पर जितेश ने सिक्स मारा, लेकिन आखिरी ओवर में फिर से दबाव आ गया। कप्तान अथर्व ताइडे खुद बॉलिंग पर आए। पहली चार गेंदों में सिर्फ एक रन बना और एक विकेट गिर गया। पांचवीं गेंद पर भी जितेश रन नहीं बना पाए। आखिरी बॉल पर पांच रन चाहिए थे, और जितेश ने लॉन्ग ऑन पर जोरदार सिक्स जड़कर ना सिर्फ मैच जिताया, बल्कि साबित कर दिया कि वो क्लच मोमेंट के खिलाड़ी हैं।

Atharva Taide की शानदार पारी गई बेकार

भारत रेंजर्स की तरफ से कप्तान अथर्व ताइडे ने 53 गेंदों पर 94 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने सात चौके और छह छक्के लगाए और पूरे इनिंग को कंट्रोल किया। वरुण बिष्ट ने भी 15 गेंदों में 50 रन जड़े, जिसमें तीन चौके और पांच छक्के शामिल थे। दोनों बल्लेबाजों ने आखिरी 21 गेंद में 66 रन ठोक डाले, जिससे स्कोर 204 तक पहुंच पाया। लेकिन इतनी मजबूत बल्लेबाजी के बावजूद टीम को जीत नहीं मिल पाई। ताइडे ने जहां कप्तानी में भी बॉलिंग की कोशिश की, वहीं आखिर में जितेश का अनुभव और ताकत भारी पड़ गई। ये हार भारत रेंजर्स के लिए एक सबक है कि अंत तक लड़ाई कैसे करनी होती है और मैच को क्लोज करने के लिए एक्सपर्ट की जरूरत होती है। वहीं ताइडे की पारी ने दिखा दिया कि वो भी भविष्य में IPL जैसे मंच के लिए तैयार हैं।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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